नालंदा में अभाविप के बिहार बंद का दिखा आंशिक असर
पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर जताया गया विरोध
टेंपो व बाइक की निकाली हवा
बिहारशरीफ : पटना में छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के आज आहूत बिहार बंद को लेकर नालंदा जिले में आंशिक असर रहा. विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं ने राजगीर, बिहारशरीफ और हिलसा के कई जगहों पर सड़क जाम किया, तो कहीं पर ऑटो एवं रिक्शे के पहिये से हवा निकाल दी.
सोमवार को बिहार बंद के दौरान बिहारशरीफ में थोड़ी देर के लिए बंद का असर दिखा लेकिन फिर स्थिति सामान्य हो गयी. विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ता बिहारशरीफ के हॉस्पिटल चौक से जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करते हुए पूरे शहर का भ्रमण किया और लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की. कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान पटना में छात्रों पर हुए लाठी चार्ज की घोर निंदा करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की.
बंद को देखते हुए बिहारशरीफ के अनुमंडलाधिकारी सूरज कुमार सिन्हा पुलिस बल के साथ अस्पताल चौक पर चौकस दिखे और स्थिति को नियंत्रित रखा. लेकिन इसका आंशिक असर ही दिखा. बंद शांतिपूर्ण रहा. कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय घटनाएं नहीं हुई. अभाविप के जिला संयोजक सोनू कुमार, नगर मंत्री अंकित पटेल, सज्जन कुशवाहा, माधव लाल कश्यप ने बंद के दौरान जुलूस का नेतृत्व किया. जिला संयोजक सोनू कुमार ने बंद को सफल बताया. इधर छात्र समागम नालंदा के अध्यक्ष शशिकांत कुमार टोनी ने बिहार बंद को पूरी तरह से असफल बताया है.
जबकि जदयू के नेता अनिल महाराज ने बिहार बंद को पूरी तरह से असफल बताते हुए कहा कि जनता ने इस बंद को पूरी तरह से नकार दिया है क्योंकि यह बिहार बंद भाजपा के इशारे पर प्रायोजित था. राजगीर प्रतिनिधि के अनुसार विद्यार्थी परिषद् के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बंद के दौरान शहर के चौक-चौराहों पर राज्य सरकार के द्वारा छात्रों पर लाठी चार्ज की कार्रवाई पर विरोध जताया. कार्यकर्ताओं ने घुम-घुम कर दुकानें भी बंद करायी और बस स्टैंड चौराहे को करीब चार घंटे तक जाम किया.
बंद का नेतृत्व मंजीत प्रभाकर कर रहे थे. जबकि विद्यार्थी परिषद् के जितेंद्र कुमार, चंदन कुमार, धर्मपाल कुमार, विक्रम कुमार, मिथलेश कुमार आदि कार्यकर्ताओं ने बंद को सफल बनाने में सक्रिय दिखे. विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बंद को सफल बताया है.
बंद के मद्देनजर पुलिस चौकस दिखी. कुछ देर के लिए आवागमन बाधित रहा लेकिन राजगीर से श्रमजीवी एक्सप्रेस नई दिल्ली के लिए निर्धारित समय से ही खुली. इसी प्रकार हिलसा में भी बिहार बंद के दौरान अभाविप के कार्यकर्ताओं 73261 अप पैसेंजर ट्रेन को रोके रखा. रेलमार्ग व सड़क मार्ग को जाम करने से आवागमन काफी बाधित रहा. आवागमन को सुचारू कराने में पुलिस व छात्रों के बीच काफी नोक-झोंक हुई. सुबह से ही कई जत्थों में बंट कर छात्रों ने आवागमन को बाधित रखा. वहीं किसी अप्रिय घटना व आवागमन बाधित न होने को लेकर पुलिस प्रशासन ने चौकसी बरतते हुए सड़कों पर दौड़ लगाती रही.
एसयू कॉलेज छात्र संघ के संयुक्त सचिव सह अनुमंडल संयोजक विकास कुमार ने कहा कि 26 मार्च को पटना में विद्यार्थी परिषद् अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. बंद कराने में परिषद् के नगर अध्यक्ष ई. धर्मेद्र कुमार, नगर मंत्री चंदन कुमार, विकास कुमार प्रकाश, नकुल कुमार वर्मा, सोनू कुमार, प्रभात कुमार, मधुसूदन कुमार, रजनीश भूषण समेत सैकड़ों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ता मौजूद थे.
