बिहारशरीफ : जिले के अंगीभूत रहे कॉलेजों में नालंदा कॉलेज एक ऐसा पहला शिक्षण संस्थान है, जिसका एक गौरवमयी व स्वर्णिम इतिहास रहा है. 1870 में स्थापित यह कॉलेज जिले का पहलाऐसा अंगीभूत कॉलेज होगा,जहां अब स्मार्ट क्लासेज की शुरूआत हो रही है.
इसके अलावे कॉलेज के कार्यालय ऑटोमेशन से जुड़ने जा रहा है. यूं कहे कि इस कॉलेज के कार्यालय का स्वचालन हो जायेगा जिसके तहत कंप्यूटरीकृत वाइ- फाई के साथ ऑन लाइन की सुविधा होगी. जिले के शैक्षणिक इतिहास में पहली बार नालंदा कॉलेज में यह नयी सुविधा शुरू होने जा रही है. इससे यहां के छात्र-छात्राओं को स्मार्ट क्लासेज के माध्यम से पढ़ाइ करायी जायेगी. डिजिटल कैमरा व इंटरनेट के जरिये क्लास में सब्जेक्ट गुरू से हाइ क्वालिटी एजुकेशन का लाभ ले सकेंगे. इसके लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा कई सॉफ्टवेयर को लोड किया जा रहा है.
कैंपस को वाइ – फाइ बनाने की तैयारी भी अंतिम चरण में है. शिक्षण के क्षेत्र में नित्य दिन इजाद हो रहे नवीनतम तकनीकों से भी इस कॉलेज को जोड़ा जा रहा है. इधर, करीब ढ़ाई वर्ष के बाद नालंदा कॉलेज में पहली बार एक साथ शिक्षा क्षेत्र के तीन बड़े अधिकारी एक समारोह का उद्घाटन करने पहुंच रहे हैं. इसलिए कॉलेज के विकास को लेकर यहां के प्रभारी प्रधानाचार्य से लेकर शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और छात्र – छात्राओं को काफी उम्मीदें बंधी हैं.
इन अधिकारियों के हाथों होगा उद्घाटन
नालंदा कॉलेज में 14 दिसंबर से शुरू हो रहे स्मार्ट क्लासेज एवं ऑफिस ऑटोमेशन प्रणाली का उद्घाटन इसी दिन मगध विश्वविद्यालय के कुलपति मो इश्तियाक, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ एसएम करीम एवं मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव डीके यादव के हाथों होगा.
