सटिर्फिकेट केस के 19 करोड़ रुपये हैं बकाया
एक साल में 263 मामले निबटाये गये
बिहारशरीफ : लोन लेकर इत्मीनान से बैठने वालों की जिले में कमी नहीं है. लोन लेने की जितनी तत्परता दिखाते हैं, उस हिसाब से लोन चुकता नहीं किया जाता है. यही कारण हैं कि बाध्य होकर कानूनी कार्रवाई करनी पड़ती है. लोन चुकता नहीं वालों में कई सफेदपोश लोग भी शामिल है. लोन चुकता नहीं करने वालों की संख्या जिले में 8232 है. ऐसे लोगों से रुपया वसूल करने के लिए सर्टिफिकेट केस चल रहा है. वैसे नीलाम विभाग द्वारा एक साल में सर्टिफिकेट केस के 263 मामले निबटाये गये हैं.
ऐसे लोगों से विभाग ने एक करोड़ 74 लाख रुपये वसूल किया है. वरीय डिप्टी कलेक्टर रामबाबू बताते हैं कि सर्टिफिकेट केस को निबटाये जाने का कार्य अभियान चलाकर किया जाता है.
केस को निबटाने में कई अड़चनें आती है. लोनर को पहले नोटिस भेजी जाती है. उसके बाद चेतावनी दी जाती है तत्पश्चात जब्ती-कुर्की की कार्रवाई की होती है.
नोटिस का तामिला निचले स्तर से समय पर नहीं किये जाने के कारण कानूनी कार्रवाई अभियान की सफलता नहीं मिल पाती है. 8232 लंबित मामलों में से 2106 मामले विभित्र सरकारी विभागों के भी शामिल है.
विभिन्न विभागों के पेडिंग मामले
विभाग संख्या
परिवहन 544
सेल टैक्स 250
विद्युत 256
नगर निगम 81
विकास 38
न्यूनतम मजदूरी 25
सैरात 51
राजस्व 77
खादी भंडार 4
मत्स्य 6
वन विभाग 4
उद्योग 3
पुर्नवास 57
