योजना. स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला तो तीन लाख लोगों को होगा फायदा
आज दिल्ली में नगर आयुक्त प्रपोजल का देंगे प्रेजेंटेशन
बिहारशरीफ : शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद विकास की नयी इमारत तैयार की जायेगी. स्मार्ट सिटी के प्रोपोजल में शहर के विकास के सभी सेक्टरों का ख्याल रखा गया है. स्मार्ट सिटी के प्रोपोजल में 1500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है. तीन चरणों में सफलता नहीं मिलने के कारण सबकी निगाहें इस बार टिकी है. छोटे उद्योग व मार्केट आधारित रोजगार की व्यवस्था को जगह दी गयी है, ताकि नगर निगम को आय भी हो सके. बेसिक नागरिक सुविधाओं को बढ़ाया जाना ही स्मार्ट सिटी का उद्देश्य है. लोगों का कहना है कि स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला तो शहर और भी चकाचक हो जायेगा.
वर्तमान समय में देश के 14 शहरों के बीच स्मार्ट सिटी की प्रतियोगिता जारी है. इसमें से दस का चयन होना है. स्मार्ट सिटी के प्रोपोजल को नगर आयुक्त द्वारा 22 नवंबर को दिल्ली में प्रेजेंटेशन किया जायेगा. इसके बाद अगर सुधार की आवश्यकता हुई तो संशोधन करते हुए प्रोपोजल को सबमिट कर दिया जायेगा.
1798 एकड़ का एरिया होगा विकसित: शहर के 1798 एकड़ एरिया को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. हालांकि स्मार्ट सिटी के पहले चरण के लिये जो प्रोपोजल तैयार किया गया था वह शहर का विस्तार व ग्रीन फील्ड का था. इसके बाद जो प्रोपोजल बना है उसमें शहर को विकसित करने को प्रमुखता दी गयी है. शहर के 46 वार्डों के कुछ-कुछ एरिया को लिया गया है. स्मार्ट सिटी के प्रोपोजल के अनुसार तीन लाख लोगों को फायदा पहुंचाना नगर निगम का उद्देश्य है.
पर्यटन मानचित्र पर बिहारशरीफ : शहर में कई ऐसे दर्शनीय स्थल हैं जो आज तक पर्यटन मानचित्र पर नहीं हैं. इसके कारण बिहारशरीफ की ख्याति को कम करके आंका जाता है. स्मार्ट सिटी के प्रोपोजल में स्थान दिया गया है. दर्शनीय स्थल बाबा मणिराम अखाड़ा, बाबा मखदूम, हिरण्य पर्वत से लेकर अन्य स्थानों को विकसित करके को नया लुक दिया जायेगा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले.
पीपी मोड़ में लगेगा कचरा रिसाइकलिंग प्लांट: शहर में वर्तमान समय में कई समस्या हैं. इसमें ट्रैफिक व्यवस्था, गंदे जल निकासी की बेहतर निकासी. सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था. सफाई, शिष्ट कचरा प्रबंधन से लेकर अन्य समस्या भी है. नालियों के पानी की निकासी करना शहर के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. पीपी मोड़ में कचरा रिसाइकलिंग करने का प्लान भी है.
अंडर ग्राउंड नाले का किया जायेगा निर्माण
नालियों के पानी निकासी शहर के लिए सबसे बड़ा चुनौती है. इसे दूर करने के लिए नगर निगम दस साल से प्रयास कर रहा है, लेकिन पूर्ण रूप से सफलता नहीं मिल रही है. स्मार्ट सिटी के प्रोपोजल के अनुसार इसे प्राथमिकता दी गयी है. नालियों के पानी की निकासी के लिए शहर की संरचना के अनुसार अंडर ग्राउंड नाले का निर्माण कराया जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला तो शहर का सर्वांगीण विकास होगा. विकास कार्य के लिए 1300 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया है. इससे शहर के सभी सेक्टरों के विकास का खाका तैयार किया गया है. वार्ड की गली से लेकर पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट में स्थान दिया गया है.
सौरभ जोरवाल, आयुक्त, नगर निगम, बिहारशरीफ
