भीड़ को लेकर प्रशासन ने की व्यवस्था

तैयारी. बेगमपुर-बड़गांव मार्ग पर वाहनों के परिचालन पर रोक, घाटों पर पुख्ता व्यवस्था परबलपुर की ओर से आने वाले वाहन को बिहारशरीफ से राजगीर पथ से होकर जायेंगे 45 स्थानों पर की गयी अफसरों की तैनाती बिहारशरीफ : छठ पूजा में विधि-व्यवस्था सुचारू करने के लिये अफसरों की तैनाती जगह-जगह पर की गयी है. जिले […]

तैयारी. बेगमपुर-बड़गांव मार्ग पर वाहनों के परिचालन पर रोक, घाटों पर पुख्ता व्यवस्था

परबलपुर की ओर से आने वाले वाहन को बिहारशरीफ से राजगीर पथ से होकर जायेंगे
45 स्थानों पर की गयी अफसरों की तैनाती
बिहारशरीफ : छठ पूजा में विधि-व्यवस्था सुचारू करने के लिये अफसरों की तैनाती जगह-जगह पर की गयी है. जिले के 45 अफसरों व पुलिस पदाधिकारियों की ड्यूटी लगायी है. पर्व के दौरान ड्यूटी से गायब रहने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गयी है. अफसरों को कहा गया है कि पूरी सजगता से ट्रैफिक को सुचारु रखें.डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम एवं पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार पोरीका ने औंगारी, बड़गांव सहित अन्य बड़े छठ घाटों के क्षेत्र में आवागमन की विशेष व्यवस्था करने एवं उस पर सतत नजर रखने को कहा है.छठ पूजा स्थल बड़गांव के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए प्रमुख पर्व स्थल पर पार्किंग की व्यवस्था की गयी है.
और कहा गया कि पार्किग स्थल पर वाहनों को स्टैंड किया जायेगा. कुंडलपुर जाने वाली सड़क में सांस्कृतिक गांव के लिए अर्जित खाली जमीन में पार्किंग की व्यवस्था की गई है. उक्त पार्किंग स्थल के भर जाने के बाद कुंडलपुर महोत्सव के लिए चिन्हित स्थल में वाहनों की पार्किंग की जानी है. बिहारशरीफ परवलपुर मुख्य पथ से बेगमपुर होते हुए बड़गांव जाने वाले रास्ते में वाहनों का परिचालन बंद रहेगा.बिहार शरीफ परवलपुर पथ की ओर से आने वाले वाहनों को बिहार शरीफ से राजगीर पथ से होकर बड़गांव की ओर जाना होगा.
इसके लिए बेगमपुर के पास कुंडलपुर बड़गांव जाने वाले रास्ते में बैरिकेटिंग किया गया है.नालंदा मोड़ से खंडहर होते हुए बड़गांव जाने के रास्ते में आर बी उच्च विद्यालय के पास बैरिकेटिंग की गयी है. वाहनों की पार्किंग उच्च विद्यालय के मैदान में किया जायेगा.उससे आगे हुएनत्सांग मेमोरियल के पास भी बैरिकेटिंग रहेगी. ह्वेनसांग मेमोरियल जाने के रास्ते में भी वाहनों की पार्किंग की जा सकेगी.औंगारी छठ घाट क्षेत्र में भी वाहनों की पार्किंग एवं यतायात निर्धारण का निर्देश
हिलसा के एसडीओ एवं एसडीपीओ को दिया गया है. साथ ही जितने भी छठ घाट हैं वहां भी यातायात व्यवस्था सुव्यवस्थित रखने के लिए मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस पदाधिकारियों को खास तौर से हिदायत दी गई है. जिला स्त पर व छठ घाटों पर स्थापित नियंत्रण कक्ष को भी कहा गया कि वह पूरे छठ पर्व के सभी गतिविधि एवं यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखें एवं आवश्यक कार्रवाई करें.सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कोसुक के पंचाने नदी के किनारे बना जर्जर चबूतरा को ध्वस्त कर दिया गया है. एहतियात को लेकर ऐसा किया गया है कि ताकि किसी प्रकार की घटना नहीं हो सके.
चलंत शौचालय और दमकल की व्यवस्था :नालंदा. छठपर्व के पहले दिन छठव्रतियों ने नहाय खाय का रस्म मंगलवार को पूरा किया. इसके साथ ही चार दिवसीय छठ त्योहार का विधि विधान भी शुरू हो गया है. बड़गांव सूर्यधाम और आसपास के गांवों में छठव्रतियों ने नहाय खाय का रस्म पूरा किया. इस मौके पर छठव्रतियों ने सूर्य तालाबों, नदियों और सरोवरों में स्नान किया. धार्मिक नियम से नहाय खाय का प्रसाद बनाकर पहले भगवान सूर्य नारायण की पूरे भक्ति भाव से पूजा अर्चना की बाद में छठव्रतियों ने नहाय खाय का प्रसाद कद्दू-भात ग्रहण किया. चार दिवसीय इस मेले की प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गयी है.
ऐतिहासिक सूर्य तालाब, उसके घाटों और परिक्रमा पथों की सफाई का कार्य पूरा हो गया है. सूर्य तालाब के घाटों पर रोशनी की व्यवस्था तीन पंचायतों के मुखिया के द्वारा किया गया है. बड़गांव छठ मेले की व्यवस्था प्रशासन के द्वारा की जाती है, लेकिन मेले के लिए आवंटन नहीं रहने के कारण जन सहयोग से मेले की व्यवस्था की जाती है. इस ऐतिहासिक मेले की व्यवस्था पंचायत प्रतिनिधियों एवं अन्य के सहयोग से किया गया है. मेला क्षेत्र में एक जोड़ी चलंत शौचालय के अलावे दकमल गाड़ी की भी व्यवस्था रहेगी. आजादी के 70 साल बाद भी
प्रगैतिहासिक सूर्यपीठ बड़गांव में एक अदद धर्मशाला और सार्वजनिक शौचालय का निर्माण अब तक नहीं कराया जा सका है. फलस्वरूप छठव्रती खुले आसमान के नीचे तंबू में रहने के लिए मजबूर होंगे. मेला क्षेत्र में लोहंडा से अस्थायी थाना काम करने लगेगा. विधि व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है. इसके अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नालंदा और बेगमपुर मोड़ पर लगे बैरियर से आगे वाहनों के प्रवेश पर पुरी तरह रोक लगा दी गयी है. स्थानीय पंडा कमेटी के सचिव शैलेष कुमार पांडेय ने कहा कि द्वापरकालीन यह सूर्यपीठ पूरी तरह उपेक्षित है.
अब तो मेले का उद्घाटन तक नहीं कराया जाता है. पूर्व डीएम राजीव गौवा के द्वारा इस पौराणिक मेले की उद्घाटन कराने की परंपरा शुरू की गयी थी. उनके बाद के अधिकारियों में मेला उद्घाटन के प्रति कोई रूचि नहीं है. डाॅ गोपाल शरण सिंह कहते हैं कि बिना सरकारी आवंटन के चार दिवसीय बड़गांव छठ मेला का सफल आयोजन किया जाता है. स्थानीय महिलाओं के द्वारा छठपर्व को लेकर मिट्टी के नये चूल्हे बनाये गये हैं. सूर्य तालाब के किनारे बड़ी संख्या में बनाये गये इस चूल्हे को छठव्रती 20-25 रुपये में खरीदती हैं.
इसी मिट्टी के चूल्हे पर छठव्रती लोहंडा और अर्घ का प्रसाद बनायेंगी.

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