आयोजन वर्षगांठ को लेकर बढ़ी पर्यटकों की संख्या, सुरक्षा का किया गया व्यापक इंतजाम
आकाशीय रज्ज्ू मार्ग रोपवे का निर्माण होगा
राजगीर : देश-दुनिया में शांति का संदेश प्रचारित करने के उद्देश्य से गृद्धकूट पर्वत के ठीक सामने रत्नागिरी पर्वत पर स्थित विश्व शांति स्तूप का 48 वां वार्षिकोत्सव समारोह बुधवार को मनाया जायेगा. समारोह के मुख्य अतिथि सूबे के नये राज्यपाल सत्यपाल मलिक व पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार होंगे.
मुख्य समारोह सुबह 10 बजे से शुरू होगा जो 12 बजे दोपहर तक चलेगा. इस दौरान यहां की वादियां एक बार फिर बुद्धम शरणम्, गच्छामि, संघम् शरणम् गच्छामि और न्मो म्यो हो रेंगे क्यों से गुंजायमान होगा. इस मौके पर देश-दुनिया के बौद्ध अनुयायियों, बौद्ध भिक्षुओं का यहां जमावड़ा लगेगा. दुनिया में विश्व बंधुत्व के साथ विश्व भर में शांति स्थापित करने की भावना से यहां के रत्नागिरी पर्वत पर बौद्ध भिक्षु निचिहूदास्तू फ्यूजी गुरू जी के द्वारा विश्व शांति स्तूप की स्थापना की गयी थी.
वहीं यहां तक पहुंचने के लिए जापान सरकार के सहयोग से आकाशीय रज्ज्ू मार्ग रोपवे का निर्माण करवाया गया. राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक के राजगीर आगमन को लेकर यहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं. जमीन से लकर पहाड़ तक सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है. डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि राज्यपाल महोदय के आगमन को लेकर राजगीर में सुरक्षा के मद्देनजर राजगीर के सभी चैक-चैराहों से लेकर जंगली क्षेत्रों, पहाड़ी स्थलों और रोपवे स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं. शांति स्तूप के 48 वें वर्षगांठ को लेकर राजगीर में देशी-विदेशी पर्यटकों का आगमन दो दिन पहले से ही शुरू हो गया है.
जापान के सीजीसी ग्रुप के तत्वावधान में 100 सदस्यीय दल राजगीर पहुंच चुका है. इसके अलावा श्रीलंका, नेपाल, थाईलैंड आदि देशों के बौद्ध पर्यटकों व धर्मावलंबियों का आगमन हो चुका है. इन बौद्ध भिक्षु मंगलवार को राजगीर के विभिन्न पर्यटक व धार्मिक स्थलों का भ्रमण व दर्शन किया.
रोपवे स्थल पर ही उतरेगा राज्यपाल का हेलीकाॅप्टर
राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक हवाई मार्ग से राजगीर पहुंचेंगे इस दौरान उनका हेलिकाॅप्टर रत्नागिरी पर्वत के ऊपर रोपवे के पास बनाये गये हेलीपैड पर ही होगा. इसे लेकर यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं. वहीं पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार सड़क मार्ग से यहां पहुंचेंगे. विश्व शांति स्तूप के 48 वें वर्षगांठ को लेकर यहां सुंदर सजावट की गयी है. इसे लेकर झूला मोड़ से ही सजावट देखने को मिल रही है. रंग-रोगन व फूल-मालाओं से रोपवे क्षेत्र में सजावट की गयी है. वहीं पूजा स्थल के पास एक बड़ा पंडाल भी बनाया गया है.
