गिरियक (नालंदा) : भगवान महावीर स्वामी के 2543 वां निर्वाण महोत्सव के अवसर पर पहली बार दो दिवसीय पावापुरी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें महोत्सव स्थल पर लगाये गये स्टॉल में जल मंदिर का प्रारूप तैयार कर इसमें जैन धर्म के 24 वें एवं अंतिम तीर्थकर भगवार महावीर स्वामी के जन्म से लेकर निर्वाण तक का सफर की प्रस्तुति दिखायी गयी.
साथ ही वृत्त चित्र के रूप में उनकी जीवनी को दर्शाया गया है, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत सभी को खूब भाया. बताया जाता है कि महावीर स्वामी का अंतिम संस्कार पावापुरी स्थित जल मंदिर के बीचोबीच निर्वाण को प्राप्त किये. तब से अब तक उनका कार्तिक अमावश्या के दिन दीपावली के रूप में निर्वाण व उत्सव मनाया जाता है.
इसी पर आधारित स्टॉल में महावीर स्वामी के जीवनी को प्रदर्शित किया गया. साथ ही लगाये गये 26 स्टॉलों में आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी के मेडिकल कॉलेज की छात्र-छात्राओं द्वारा नशामुक्ति, शराबबंदी, बाल विवाह, नशे से सड़क दुर्घटना पर आधारित जागरूक करने के लिए प्रदर्शनी भी लगायी गयी. इस प्रदर्शनी में नशा सेवन से होनेवाली बीमारियों के संबंध में मानव के अंगों को प्रदर्शित किया गया.
