पढ़ाई छूट गयी तो बीबोस का लें सहारा

आसानी से करें मैट्रिक व इंटरमीडिएट उत्तीर्ण 15 अक्तूबर तक है एडमिशन की तिथि बिहारशरीफ : परीक्षाओं में असफल होने पर अथवा घरेलू परिस्थितियों के कारण कई बार विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है. जिले में मैट्रिक व इंटरमीडिएट स्तर के पूर्व पढ़ाई छोड़ने अथवा असफल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या में […]

आसानी से करें मैट्रिक व इंटरमीडिएट उत्तीर्ण
15 अक्तूबर तक है एडमिशन की तिथि
बिहारशरीफ : परीक्षाओं में असफल होने पर अथवा घरेलू परिस्थितियों के कारण कई बार विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है. जिले में मैट्रिक व इंटरमीडिएट स्तर के पूर्व पढ़ाई छोड़ने अथवा असफल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी एक गंभीर समस्या बन गयी है. लगभग 26 फीसदी विद्यार्थी तो 8 वीं कक्षा के बाद ही पढ़ाई छोड़ देते हैं तथा शेष विद्यार्थियों में से लगभग 50 फीसदी विद्यार्थी मैट्रिक व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में असफल हो जाते हैं.
ऐसे में माध्यमिक शिक्षा का सार्वजनिक करने के लिए बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण व परीक्षा बोर्ड (बी बोस) को एक अच्छा विकल्प माना जा रहा है. माध्यमिक शिक्षा से वंचित विद्यार्थियों के लिए बीबोस द्वारा साल में दो बार परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है तथा इसमें मनपसंद विषयों को चुनने की भी आजादी रहती है. इससे कमजोर विधार्थी भी आसानी से मैट्रिक व इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण कर सकते हैं.
इधर शिक्षा विभाग भी इस समस्या से निबटने के लिए कवायद शुरू कर दी है. जिला शिक्षा कार्यालय नालंदा द्वारा जिले के 139 राजकीय, राजकीयकृत, अल्पसंख्यक तथा प्रोजेक्ट उच्च विद्यालयों को बीबोस का अध्ययन केंद्र बनाया गया है. पूर्व में जिले के मात्र 23 माध्यमिक विद्यालयों में ही बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण व परीक्षा बोर्ड का स्टडी सेंटर बनाया गया था. इससे इच्छुक शिक्षार्थी जिले के किसी भी माध्यमिक विद्यालय से संपर्क कर अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा सकते हैं.
एडमिशन व रजिस्ट्रेशन :बीबोस के स्टडी सेंटर में एडमिशन व रजिस्ट्रेशन की तिथि को 15 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है. 16 अक्तूबर से 30 अक्तूबर तक 2 सौ रुपये विलंब शुल्क के एडमिशन/रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है.
पूर्व में 9 वीं,10वीं अथवा किसी भी वर्ग में असफल होने वाले शिक्षार्थी बीबोस के माध्यम से मैट्रिक अथवा इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. माध्यमिक परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु 14 वर्ष व इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 15 वर्ष निर्धारित है. अधिकतम उम्र सीमा का कोई बंधन नहीं है. परीक्षा जून 2018 में ली जायेगी. असफल शिक्षार्थियों के लिए यह अच्छा मौका है.
मार्क्स ट्रांसफर तथा क्रेडिट का लाभ : बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण व परीक्षा बोर्ड द्वारा छात्रों की सुविधा के लिए टीओसी योजना लागू की गयी है.
इसके तहत वैसे शिक्षार्थी पंजीयन के पात्र होंगे, जो पंजीयन की तिथि से 5 वर्षों के भीतर किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड की परीक्षा में सम्मिलित हुए हैं और कम से कम एक विषय में उत्तीर्ण हुए हैं, लेकिन पाठ्यक्रम उत्तीर्ण नहीं कर पाये हैं. ऐसे शिक्षार्थियों का एक अथवा दो विषय का मार्क्स इस पाठ्यक्रम में स्थानान्तरित किया जाता है तथा शेष विषय की परीक्षा देनी होती है.

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