एक कमरे में बैठाये जाते हैं सौ से अधिक विद्यार्थी
बिहारशरीफ : जिले के विभिन्न विद्यालयों में कमरों की कमी तथा भीषण गर्मी से जिले के विद्यार्थी बेहाल हो रहे हैं. शनिवार को मध्य विद्यालय मघड़ा की छह छात्राएं भीषण गर्मी के कारण बेहोश होकर गिर गयीं, जिसे विद्यालय के शिक्षकों द्वारा वर्ग कक्ष से बाहर ले जाकर प्राथमिक उपचार किया गया. गर्मी से मूर्छित होने वाली छात्राओं में 7वीं कक्षा की छात्रा शिपाली, निशा, सुरूचि तथा सुप्रिया के साथ-साथ छठ्ठी कक्षा की छात्रा मोनी कुमारी है. घटना के संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में कमरों की भारी कमी है. वर्तमान में यहां एक -एक कमरे में 100-100 से अधिक छात्र-छात्राओं को बैठाना पड़ रहा है.
क्लास में बेंच-डेस्क भी नहीं है. इसलिए विद्यार्थी जमीन पर ही बैठकर पढ़ाई करते हैं. शनिवार को भी छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे. इसी दौरान दो कक्षाओं से लगभग आधा दर्जन छात्राओं के मूर्छित होने की सूचना मिली. तत्काल सभी छात्राओं को वर्ग से बाहर लाकर उसे पंखे से हवा करने तथा पानी पिलाने से राहत मिल गयी. हालांकि क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाने से इस मौसम में कमरे का तापमान काफी अधिक बढ़ जाता है. इससे बच्चों को परेशानी हो रही है. प्राथमिक उपचार के बाद सभी छात्राओं की स्थिति सामान्य हो गयी है.
प्रभात खबर ने तीन दिन पूर्व छापी थी खबर : प्रभात खबर के विगत 13 सितंबर के अंक में विद्यालयों में कमरों की कमी की खबर शीर्षक ‘’सर जी! जगह नहीं है कहां बैठूं’’ के नाम से प्रकाशित की गयी थी. खबर में जिले के माध्यमिक विद्यालयों का हाल दिखलाया गया था. हालांकि जिले के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों की स्थिति भी गंभीर है. कमरों तथा अन्य बुनियादी आवश्यकताओं की हर जगह भारी कमी है. क्षमता से अधिक छात्र, बिजली तथा पेयजल, शौचालय आदि की अनुपलब्धता आम है. इसका प्रतिफल विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. इतनी सारी समस्याओं के सामने शिक्षा विभाग भी लाचार नजर आ रही है.
