साइबर क्राइम रोकने के लिए प्लान तैयार

बिहारशरीफ : यह तो सब कोई जानते हैं कि साइबर क्राइम के लिए नेटवर्क का होना आवश्यक है. साइबर अपराध के कई प्रकार हैं जैसे की स्पैम, ई-मेल, हैकिंग, फिशिंग, वायरस को डालना व किसी की जानकारी को ऑनलाइन प्राप्त करना साइबर अपराध की क्षेणी में आता है. साइबर अपराध का तिलिस्म काफी गहरा है.इसके […]

बिहारशरीफ : यह तो सब कोई जानते हैं कि साइबर क्राइम के लिए नेटवर्क का होना आवश्यक है. साइबर अपराध के कई प्रकार हैं जैसे की स्पैम, ई-मेल, हैकिंग, फिशिंग, वायरस को डालना व किसी की जानकारी को ऑनलाइन प्राप्त करना साइबर अपराध की क्षेणी में आता है.

साइबर अपराध का तिलिस्म काफी गहरा है.इसके एक्सपर्ट प्रतिदिन इसके लिए नयी -नयी खोज करते रहते हैं.
इनका प्रयोग कर लोगों को आर्थिक क्षति पहुंचाई जाती है. हालांकि अब विकसित तकनीकी व्यवस्थाओं में साइबर से जुड़े अपराधकर्मियों का फंसना तय है. नालंदा पुलिस की बेहतर प्लानिंग के आगे ऐसे साइबर अपराधी अब बौने साबित होने जा रहे हैं. इतना ही नहीं साइबर अपराध से जुड़े इस नयी प्लानिंग का प्रयोग दूसरे राज्यों की पुलिस भी करने जा रही है.इसके प्रयोग से अपराधियों की गिरफ्तारी चंद दिनों में ही संभव हो जायेगी.पिछले दिनों कतरीसराय थाना क्षेत्र में चार की संख्या में रहे साइबर ठगों को नालंदा पुलिस ने अपने इसी प्रयोग के दम पर उनके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया था.
थंब इंप्रेशन से होगी गिरफ्तारी
नालंदा पुलिस थंब इंप्रेशन (अंगुठे के निशान) के बदौलत साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी करेगी.पुलिस का साइबर विंग इस दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है.अब मार्केट में सिम कार्ड लांच करने वाली तमाम कंपनियां अपने ग्राहकों से आधार कार्ड व थंब इंप्रेशन लेने के बाद ही उनके नाम का सिम कार्ड उपलब्ध कराती हैं.
जैसे ही कोई व्यक्ति सिम कार्ड खरीदने के पूर्व थंब डिवाइस पर अपना थंब इंप्रेशड करता है,उसी वक्त उससे संबंधित सभी तरह जानकारी संबंधित मोबाइल कंपनी के पास जमा हो जाता है.आधार कार्ड बनाने के वक्त कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारी संबंधित व्यक्तियों की ली जाती है.मोबाइल कंपनी अपने ग्राहकों के थंब इंप्रेशन को आधार कार्ड से जोड़ देती है.ऐसी स्थिति में अगर सिम कार्ड लेने वाला व्यक्ति किसी तरह का साइबर क्राइम करता है तो वह तत्काल पुलिस की रडार पर आ जायेगा.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक
थंब इंप्रेशन का प्रयोग पुलिस को सफलता दिलाने जैसा है.इस नये प्रयोग के बदौलत साइबर अपराध से जुड़े करीब 12 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी जिले के कतरीसराय थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से की जा चुकी है.कई साबइर क्रिमिनल पुलिस की रडार पर हैं.जिनकी गिरफ्तारी निकट भविष्य में होनी है.
सुधीर कुमार पोरिका,एसपी, नालंदा

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