साइकिल से पहुंचा चीनी यात्री नालंदा
नालंदा : विश्व भ्रमण पर निकला चीनी युवक वांग हॉन साइकिल से नालंदा पहुंचा. तीन दिनों के नालंदा प्रवास के बाद सोमवार को वह बोध गया के लिए प्रस्थान किया. चीनी यात्री ह्वेनसांग के ज्ञान स्थली प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष को देख वह गौरवान्वित था. भारत-चीन मैत्री का प्रतीक ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल में उसने घंटों समय गुजारा. यह चीनी युवक विश्व भ्रमण पर निकला है, भारत 41 वां देश है. वह चीन के बिजिंग, संघाई, हॉगकॉग, तिब्बत, लहासा, काठमांडू होते रक्सौल बोर्डर पार करते नालंदा के धरोहरों का दीदार किया. वह राजगीर, बोधगया, बनारस, दिल्ली, जयपुर होते मुम्बई जायेगा.
जहां से वह पांच अक्तूबर को मिश्र के लिए रवाना होंगे. शैक्षणिक और सांस्कृतिक भ्रमण पर निकला वांग हॉन सतही ज्ञान के लिए साइकिल से भारत का भ्रमण कर रहा है. वह बताते हैं कि नालंदा के बारे में वह हाइस्कूल की किताबों में पढ़ा था. आज नालंदा साक्षात दर्शन कर रहा हूं. यह अद्वितीय है. उसने कहा कि युद्ध की आशंका को लेकर चीन के लोगों ने उसे भारत भ्रमण पर आने से लोगों ने मना किया. उनकी आशंका गलत निकली. भारती-चीन के बोर्डर पर जो है, वह भारत के गांवों और शहरों में नहीं है. उन्होंने कहा कि चीन के बौद्ध मंदिरों की कल्पना कर नालंदा आया हूं, लेकिन नालंदा विश्वविद्यालय में एक भी बुद्ध प्रतिमा नहीं है. यह अजुबा है. यहां उन्हें सुखद अनुभव हो रहा है. चीनी साइकिल यात्री ने कहा कि चीनी जाति और धर्म में बंटे नहीं है. इसलिए चीन का काफी विकास हो रहा है, लेकिन भारत जाति और धर्म के विश्वास रखता है, जो चीन का उल्टा है. वे कहते हैं कि वह केवल चीनी नहीं बल्कि विश्व मानव बनना चाहते हैं. नालंदा गेस्ट हाउस में प्रवास के दौरान नालंदा की गौरव गरिमा और संस्कृति को जानकार वह काफी प्रसन्न था.
