यशी सिंह अपहरण कांड: हाईकोर्ट ने सीबीआइ को लगाई फटकार, जांच में तेजी का निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने यशी सिंह अपहरण मामले की सुस्त जांच पर CBI को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने संदिग्ध महिला आरोपियों की जमानत रद्द करने के संबंध में नोटिस जारी करने का आदेश दिया है. मामले की विस्तृत प्रोग्रेस रिपोर्ट अगले दो हफ्तों में मांगी गई है.

Yashi Singh Case:  शहर के चर्चित एमबीए छात्रा यशी सिंह अपहरण मामले में पटना हाईकोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संदीप कुमार की एकल पीठ ने जांच की सुस्त रफ्तार पर सीबीआइ को कड़ी फटकार लगाई. इसके साथ ही, कोर्ट ने निचली अदालत से जमानत पर बाहर आईं दोनों संदिग्ध महिला आरोपितों के बेल बॉन्ड निरस्त (कैंसिल) करने के संबंध में नोटिस जारी करने का आदेश दिया है.

दो सप्ताह के भीतर मांगी विस्तृत प्रोग्रेस रिपोर्ट

वादी पक्ष के अधिवक्ता अरविंद कुमार ने बताया कि सुनवाई के दौरान सीबीआइ के अधिवक्ता ने जांच की स्थिति रखी, लेकिन अदालत प्रगति से संतुष्ट नजर नहीं आई. हाईकोर्ट ने सीबीआइ को सख्त निर्देश देते हुए अगले दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. कोर्ट ने साफ कहा कि छात्रा के गायब होने जैसे संवेदनशील मामले में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी.

नाना की याचिका पर हुई सुनवाई, जमानत रद्द करने पर नोटिस

यशी सिंह के नाना ने संदिग्ध महिला आरोपियों की जमानत को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिका में तर्क दिया गया था कि आरोपियों ने स्वीकार किया था कि यशी को रेड लाइट एरिया में बेचा गया था, फिर भी उन्हें जमानत मिल गई. कोर्ट ने दोनों महिलाओं को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनकी जमानत रद्द कर दी जाए.

सितंबर 2024 से जांच कर रही है सीबीआइ

सीबीआइ सितंबर 2024 से इस मामले की जांच कर रही है. लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद छात्रा का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है. परिजन लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं.

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लेखक के बारे में

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