सेंट्रल जेल के बंदी बन रहे हुनरमंद ,आचार, मसाला व पापड़ बनाने की मिल रही ट्रेनिंग

Training is being given for making masala

: ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से दिया जा रहा प्रशिक्षण : 35 पुरुष व महिला बंदियों को ट्रेनिंग के लिए किया गया है चयनित संवाददाता, मुजफ्फरपुर शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा के बंदियों को हुनरमंद बनाया जा जा रहा है. ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से बंदियों को आचार, मसाले व पापड़ बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. पिछले 12 जून को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से प्रशिक्षण की शुरुआत की गयी है. पहले फेज में 35 पुरुष व महिला बंदियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. इसके अलावा जेल के बंदियों को इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, कारपेंटर, बैग निर्माण की भी ट्रेनिंग दी जा चुकी है. जेल अधीक्षक ब्रिजेश सिंह मेहता ने बताया कि बंदियों के कौशल विकास को लेकर तरह- तरह का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में 35 बंदियों को अचार, मसाला और पापड़ बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. ताकि बंदी सेंट्रल जेल से मुक्त होने पर खुद का रोजगार करके समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपना जीवन यापन कर सके. मालूम हो कि जेल के बंदियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए सेंट्रल जेल में 10 नए कंप्यूटर सिस्टम लगाया गया है. इसपर बंदियों को कंप्यूटर के बेसिक प्रशिक्षण से लेकर साइबर सिक्योरिटी और कोर्स कराया जाएगा.

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Author: CHANDAN

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