वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
परिवार नियोजन सामग्री में एक नई सुविधा गर्भनिरोधक दवा ‘इंप्लांट सबडर्मल’ की शुरुआत शुक्रवार से मुजफ्फरपुर स्थित एमसीएच में की गई. इस सेवा का लाभ अब बड़ी संख्या में महिलाएं ले रही हैं. माला-डी, अंतरा और छाया जैसी पारंपरिक विधियों की जगह अब महिलाएं इस नए विकल्प को अधिक पसंद कर रही हैं.एमसीएच की प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी शोभा कुमारी ने बताया कि प्रतिदिन पांच से छह महिलाएं इस सेवा का लाभ ले रही हैं. अब तक उन्होंने आधा दर्जन से अधिक महिलाओं को यह गर्भनिरोधक इंप्लांट उपलब्ध कराया है.
क्या है सबडर्मल इंप्लांट?
यह एक हार्मोनल गर्भनिरोधक है, जो महिलाओं को लगातार तीन वर्षों तक गर्भधारण से सुरक्षा प्रदान करता है. यह माचिस की तिली के आकार की एक छोटी, लचीली रॉड होती है, जिसे महिला की ऊपरी बांह की त्वचा के नीचे प्रत्यारोपित किया जाता है. इसे प्रसव के बाद किसी भी समय तथा एएनसी (गर्भावस्था जांच) अवधि में भी लगाया जा सकता है. इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है और इसे किसी भी उम्र की महिलाएं सुरक्षित रूप से इस्तेमाल कर सकती हैं.
सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि यह सेवा अब सभी पीएचसी से लेकर एमसीएच तक शुरू कर दी गई है. प्रशिक्षित चिकित्सकों के माध्यम से महिलाओं को यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
