PHC Surgery Facility: सूबे के आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. अब राज्य के सरकारी अस्पतालों में सर्जरी (शल्य चिकित्सा) की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जाएगी. इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव मृणाल दास ने राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं.
पीएचसी स्तर पर भी होगी सर्जरी की पुख्ता व्यवस्था
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल सदर या अनुमंडलीय अस्पतालों तक ही सर्जरी की सुविधाएं सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में भी सर्जरी की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी. इससे ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को छोटी-बड़ी सर्जरी के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. इससे गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के समय और पैसे दोनों की भारी बचत होगी.
सभी पीएचसी को मिला हर महीने 200-300 सर्जरी का लक्ष्य
अपर सचिव मृणाल दास ने स्वास्थ्य सेवाओं को गति देने के लिए सभी सिविल सर्जनों को स्पष्ट और अनिवार्य लक्ष्य सौंपा है. अब प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर हर महीने कम से कम 200 से 300 सर्जरी करना अनिवार्य होगा. इस लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए पीएचसी में आवश्यक आधुनिक चिकित्सा उपकरण, ऑपरेशन थिएटर (OT) की समुचित व्यवस्था और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
नियमित समीक्षा कर व्यवस्था को बनाया जाएगा प्रभावी
सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य ढांचे पर आम जनता का भरोसा बढ़ाना और मरीजों को उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण व नि:शुल्क इलाज मुहैया कराना है. विभागीय स्तर पर इस निर्देश के पालन और प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर इसका वास्तविक असर दिखे और जरूरतमंद मरीजों को इसका सीधा लाभ मिल सके.
