मुजफ्फरपुर कैदी मौत: शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद 76 वर्षीय सजायाफ्ता कैदी हरिश्चंद्र राय की बुधवार दोपहर श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक मूल रूप से समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कमरगामा गांव के निवासी थे. कल्याणपुर थाने में दर्ज 2021 के मारपीट, हत्या और एससी-एसटी एक्ट मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें सजा काटने के लिए समस्तीपुर जेल से मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था.
पैरालिसिस और गॉलब्लैडर स्टोन समेत कई गंभीर बीमारियों से थे पीड़ित
जेल प्रशासन के अनुसार, वृद्ध कैदी लंबे समय से कई असाध्य और गंभीर शारीरिक व्याधियों से जूझ रहे थे:
- वे पुरानी पैरालिसिस (लकवा), गॉलब्लैडर स्टोन, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) और तेज बुखार से गंभीर रूप से पीड़ित थे.
- स्वास्थ्य अत्यधिक बिगड़ने पर कारा चिकित्सक की सलाह पर उन्हें 15 अगस्त को पुलिस अभिरक्षा में एसकेएमसीएच के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था.
- अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उपचार चल रहा था, लेकिन बुधवार दोपहर करीब 3:05 बजे उनकी सांसें थम गईं.
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी
कैदी की मौत के उपरांत केंद्रीय कारा अधीक्षक युसूफ रिजवान ने पूर्वी अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र भेजकर मजिस्ट्रेट नियुक्त करने का अनुरोध किया:
- प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पंचनामा और मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई.
- मेडिकल बोर्ड का गठन कर शव का विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया.
- कानूनी पारदर्शिता और मानवाधिकार मानकों के तहत पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी संपन्न कराई गई.
अस्पताल और पुलिस प्रशासन द्वारा तमाम कानूनी व कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.
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