डेडलाइन पूरा : स्नातक स्तरीय काॅलेजाें के संबंधन का प्रस्ताव पाेर्टल पर नहीं हुआ अपलाेड

डेडलाइन पूरा : स्नातक स्तरीय काॅलेजाें के संबंधन का प्रस्ताव पाेर्टल पर नहीं हुआ अपलाेड

-विवि से एक महीने के एक्सटेंशन का अनुराेध

मुजफ्फरपुर.

शिक्षा विभाग के पाेर्टल पर नये सत्र में काॅलेजाें के नये संबंधन और संबद्धता विस्तार का प्रस्ताव 20 मार्च तक सभी सक्षम प्राधिकार से अनुमाेदन कराकर अपलाेड करना था. लेकिन, बीआरएबीयू में अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हाे सकी है. शैक्षणिक सत्र 2025-28 के लिए स्नातक स्तरीय काॅलेजाें के संबंधन का प्रस्ताव विभाग के पाेर्टल पर अपलाेड करने के लिए बीस मार्च तक का समय दिया गया था, जबकि बीआरएबीयू सहित कई विश्वविद्यालयाें में अब तक सीनेट की बैठक नहीं हुई है. उच्च शिक्षा निदेशक अजय कुमार की ओर से 12 मार्च काे सभी विश्वविद्यालयाें काे पत्र भेजा गया. इसमें कहा गया था कि सभी सक्षम प्राधिकार से अनुमाेदन के बाद काॅलेजाें का प्रस्ताव पाेर्टल पर अपलाेड किया जाए. बीआरएबीयू के इंसपेक्टर ऑफ काॅलेज डाॅ राजीव कुमार ने बताया कि 12 अप्रैल काे सीनेट की बैठक हाेनी है. इसके बाद सभी कागजात तैयार करने में एक सप्ताह का समय लगेगा. इसकाे लेकर विवि की ओर से एक महीने के एक्सटेंशन का अनुराेध किया गया है. बता दें कि पहले 27 मार्च काे सीनेट की बैठक हाेनी थी, जिसे राजभवन के निर्देश पर स्थगित करते हुए 12 अप्रैल की तिथि निर्धारित की गयी है. शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालयाें में अभी तालमेल नहीं बन सका है, जिसकाे लेकर कई बार संशय की स्थिति बन जाती है.

38 काॅलेजाें की संबद्धता के प्रस्ताव काे मंजूरी

विवि की न्यू टीचिंग एंड एफिलिएशन कमेटी ने 38 काॅलेजाें की संबद्धता के प्रस्ताव काे मंजूरी दे दी है. बीआरएबीयू से संबद्धता के लिए 60 काॅलेजाें ने आवेदन किया था, जिसमें मानक पूरा नहीं करने वाले 22 काॅलेजाें का आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया है. मंजूरी मिलने वालों में 6 काॅलेजाें काे स्थायी संबंधन दिया जाएगा, जबकि 12 काॅलेजाें काे तीनाें स्ट्रीम में अस्थायी संबंधन देने पर सहमति बनी है. इसके अलावा 17 काॅलेजाें में लैब सहित इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी मिली, जिसके कारण प्रस्ताव से साइंस की कटाैती कर आर्ट्स व काॅमर्स में संबंधन देने का निर्णय लिया गया है. इसके साथ ही 3 काॅलेजाें काे संबंधन विस्तार मिलेगा. दूसरी ओर एकेडमिक काउंसिल की बैठक में काॅलेजाें के भाैतिक सत्यापन रिपाेर्ट पर सवाल उठा था. जिसमें निर्णय के लिए कुलपति काे अधिकृत किया गया है.

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