Muzaffarpur Double Murder: जिले के चर्चित प्रिंस और सूरज हत्याकांड में अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. बुधवार को सुनवाई के दौरान साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने सभी 14 आरोपितों को दोषमुक्त करार दिया. अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष दोनों ही मामलों में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रहा, जिसके बाद सभी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया. बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता लोकेश गुंजन, अविनाश कौशिक व संगीता कुमारी ने बहस की.
2015 में हुई थी प्रिंस की गोली मारकर हत्या
इस पूरे विवाद की शुरुआत 12 अगस्त 2015 की रात को हुई थी. नगर थाना क्षेत्र के पंकज मार्केट, शंकरबाग लेन निवासी सरफराज उर्फ प्रिंस की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसका शव सिकंदरपुर न्यू एरिया से मिला था. प्रिंस के भाई वसीम के बयान पर नगर थाने में केस दर्ज कराया गया था, जिसमें पड़ोसी सूरज कुमार, उसके पिता नागेंद्र साह, भाई सन्नी कुमार समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
कोर्ट हाजत के पास हुई थी सूरज की हत्या
मुख्य आरोपित सूरज कुमार ने 19 अगस्त 2015 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था. जब पुलिस उसे पेशी के लिए ले जा रही थी, तभी बाइक सवार अपराधियों ने कोर्ट हाजत के समीप दिनदहाड़े उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद शहर में काफी बवाल हुआ था. सूरज की हत्या मामले में परिजनों के बयान पर प्रिंस के भाई वसीम, शमशाद उर्फ औआ, आशिक, रोहित, अरशद समेत 21 लोगों को आरोपी बनाया गया था. शमशाद करीब दस साल तक जेल में रहा, लेकिन अब सभी आरोपी बरी हो चुके हैं.
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