पं. सहदेव झा को मिले भारत रत्न, जीवनी पाठ्यक्रम में हो शामिल, स्मरण दिवस पर उठी मांग

महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित सहदेव झा के स्मरण दिवस पर एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने और उनकी जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की जोरदार मांग उठी. कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की.

Muzaffarpur News: महान स्वतंत्रता सेनानी और बिहार विभूति पंडित सहदेव झा के स्मरण दिवस पर बुधवार को आमगोला स्थित निजी सभागार में समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में पं. सहदेव झा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें भारत रत्न देने और उनकी जीवनी को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठी. समारोह में मंत्री, विधायक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग शामिल हुए.

कार्यक्रम की शुरुआत पंडित सहदेव झा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गयी. स्वागताध्यक्ष एवं पंडित सहदेव झा के प्रपौत्र प्रो. ओम प्रकाश झा ने अतिथियों को मिथिला पाग और अंगवस्त्र से सम्मानित किया. राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के बाद अतिथियों ने सभा को संबोधित किया.

शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल हो जीवनी

हनुमानगढ़ी अयोध्या धाम के महंत राजू दास महाराज ने कहा कि पंडित सहदेव झा को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए. उन्होंने बिहार सरकार से उनकी जीवनी को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग यदि प्रतिमा के लिए स्थान तय करते हैं तो वे अपनी ओर से पंडित सहदेव झा की प्रतिमा उपलब्ध कराएंगे.

पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पंडित सहदेव झा की जीवनी को संजोने के लिए सरकार पहल करेगी. उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाएगा कि ऐसे वीर स्वतंत्रता सेनानी की जीवनी को शिक्षा विभाग विभिन्न कक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल करे, ताकि युवा पीढ़ी उनके देश के प्रति समर्पण और त्याग को जान सके.

मीनापुर में पं. सहदेव झा के नाम पर बनेगा पार्क

मीनापुर विधायक अजय कुशवाहा ने कहा कि पंडित सहदेव झा के नाम पर मीनापुर में पार्क बनाया जाएगा. इसके लिए जिला योजना पदाधिकारी को पत्र लिखा जाएगा. उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे मीनापुर क्षेत्र से आते हैं, जहां सहदेव झा जैसे वीर पुरुष ने जन्म लिया.

पूर्व मंत्री एवं कांटी विधायक इंजीनियर अजीत कुमार ने कहा कि पंडित सहदेव झा का जीवन त्याग और तपस्या से भरा रहा. उन्होंने पंडित सहदेव झा और श्री बाबू के जीवन तथा कार्यशैली में समानता का उल्लेख किया.

बलिदान और संघर्ष को पाठ्यक्रम में शामिल करने की पहल

लोकगायिका एवं विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि पंडित सहदेव झा ने देश के लिए अपने प्राण और परिवार की चिंता नहीं की. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें कठोर जेल यातनाएं भी सहनी पड़ीं. उन्होंने कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.

मैथिली ठाकुर ने कहा कि पंडित सहदेव झा की स्मृतियों को सहेजने के लिए भारत सरकार और बिहार सरकार से उनकी जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने का आग्रह किया जाएगा और वह इसके लिए पहल करेंगी.

पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा कि इस वर्ष किसी सार्वजनिक स्थल का चयन कर पंडित सहदेव झा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

स्मरण दिवस पर बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के संयोजक अशोक झा ने की, जबकि संचालन कुंदन शांडिल्य ने किया. पंडित सहदेव झा के जीवन पर अभिषेक मनोरंजन और कौशलेन्द्र झा ने विषय प्रवेश कराया. धन्यवाद ज्ञापन समाजसेवी तेज नारायण झा ने किया.

कार्यक्रम में पूर्व विधान पार्षद राज किशोर सिंह कुशवाहा, पं. विनय पाठक, अखंड भारत पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पं. हरिशंकर पाठक, डिप्टी मेयर मोनालिसा, प्रो. विकास नारायण उपाध्याय, धनंजय पांडे, मिथलेश तिवारी, महंत कामेश झा, शिवेंद्र झा, अजय चौधरी, सोनू पाण्डेय, चंदन पांडे, कौशल दुबे, मुन्ना झा, मुरारी झा, चिदानंद द्विवेदी, मनमन त्रिवेदी, अधिवक्ता अरुण पांडेय, साकेत रमन पाण्डेय और छात्र नेता संकेत मिश्रा समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे.

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By Ankit kumar

प्रभात खबर मुजफ्फरपुर में वरीय संवाददाता के पद पर कार्यरत हूं. पत्रकारिता में आठ वर्षों का अनुभव है. शिक्षा और क्राइम बीट पर विशेषज्ञता है. एमजेएमसी और एम.ए पॉलिटिकल साइंस के साथ एलएलबी की डिग्री प्राप्त है।
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