इ-मुलाकाती बहनें ही जेल में बांध सकेंगी राखी

इ-मुलाकाती बहनें ही जेल में बांध सकेंगी राखी

बाकी महिलाओं की राखियां गेट पर ही जमा करायी जायेंगी सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक जेल में बंधेगी राखी जिन बहनों का प्रवेश नहीं, उनकी राखी गेट पर जमा राखी पहुंचाने के लिए हुई अतिरिक्त बल की तैनाती संवाददाता, मुजफ्फरपुर शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए जेल प्रशासन ने विशेष इंतजाम किये हैं. जिन बहनों का इ-मुलाकाती पर रजिस्ट्रेशन होगा, उन्हें ही सुबह आठ बजे से जेल के अंदर प्रवेश करवा कर उनके भाई की कलाई पर राखी बंधवायी जायेगी. दोपहर एक बजे तक बहनों को प्रवेश अनुमन्य है. बाकी बहनें जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है, उन्हें जेल गेट पर ही रोक दिया जायेगा. उनकी राखी व मिठाई को पुलिसकर्मी लेकर उनके भाई तक पहुंचा देंगे. सुरक्षा कारणों से सभी बहनों को जेल के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी. जेल प्रशासन ने ऐसे निर्देश दिये हैं. सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक 200 से 250 बहनें जेल के अंदर जाकर भाई को राखी बांध सकेंगी. जेल प्रशासन ने भीड़ और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाये हैं. जेल अधीक्षक युसूफ रिजवान ने बताया कि सभी बहनों का जेल में प्रवेश करना मुश्किल होगा. इस विशेष अवसर पर बंदियों तक राखियां सही सलामत पहुंचाने के लिए जेल के अंदर व बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गयी है. यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो.

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By CHANDAN

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