मुजफ्फरपुर में बूथ पर नहीं लगेगी लंबी कतार, जिले में बढ़ जायेंगे 800 मतदान केंद्र

Bihar: चुनाव आयोग का यह निर्णय न केवल मतदान प्रक्रिया को अधिक सरल बनाएगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक मतदाता को बिना किसी असुविधा के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिले. नए मतदान केंद्रों की स्थापना से मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता भी बढ़ेगी.

Bihar, प्रभात कुमार , मुजफ्फरपुर: चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को और अधिक सुगम और सुलभ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. अब प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर 1200 कर दी जाएगी. इससे जिले में करीब 800 बूथ बढ़ जायेंगे. इसके लिए तैयारी भी शुरू हो गयी है. पिछले लोकसभा चुनाव में कुल बूथों की संख्या 3481 था., जो अब बढ़कर 4281 हो जाएगा. सबसे अधिक बूथ कुढ़नी विधान सभा में है. मतदाताओं की संख्या की बात करें तो जिले में कुल 3445658 वोटर है. इसमें 18 लाख 12 हजार 622 पुरुष और 16 लाख 32 हजार 937 है.

इवीएम और वीवीपीएटी की बढ़ जाएगी संख्या

बूथ की संख्या अधिक होने से मतदान प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव आएगा.आयोग के इस निर्णय से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (इवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीनों का डिमांड अधिक होगा. साथ ही, चुनाव संचालन का खर्च भी बढ़ेगा, नए मतदान केंद्रों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होगी. अनुमान है कि देशभर में 3 लाख से भी अधिक नए मतदान केंद्रों की स्थापना करनी पड़ सकती है. इस बड़े पैमाने पर होने वाले विस्तार के लिए व्यापक योजना और संसाधनों की आवश्यकता होगी.

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वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए बढ़ा बूथ

चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बूथ की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है.नए मतदान केंद्रों की स्थापना से मतदाताओं को लंबी कतारों में खड़े होने से मुक्ति मिलेगी और मतदान प्रक्रिया में लगने वाला समय भी कम होगा. इसके अतिरिक्त, यह कदम दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले मतदाताओं के लिए भी फायदेमंद साबित होगा, जिन्हें पहले मतदान केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई होती थी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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