मीनापुर: मुजफ्फरपुर के सिवाइपट्टी थाना क्षेत्र के हरशेर गांव में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक नवजात बच्ची को बोरे में बंद कर लीची बागान की झाड़ियों में फेंक दिया गया. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे बाहर निकाला. इसके बाद उसे गोद लेने को लेकर महिलाओं के बीच होड़ मच गई. हालांकि कुछ ही घंटों बाद इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई.
बोरे से आई रोने की आवाज, जुट गई भीड़
स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार करीब 11 बजे दो बाइकों पर सवार तीन अज्ञात लोग हरशेर गांव के वार्ड-14 के पास पहुंचे और लीची बागान में एक बोरा छोड़कर चले गए. करीब एक घंटे बाद बोरे से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे. जब बोरा खोला गया तो उसमें एक नवजात बच्ची मिली.
गोद लेने को लेकर हुआ विवाद
सरपंच पुत्र अंगद कुमार ने बताया कि बच्ची को देखकर तीन महिलाएं उसे गोद लेने की इच्छा जताने लगीं. आपसी विवाद के बाद दीप लाल सहनी की पत्नी बच्ची को अपने घर ले गई. सूचना मिलने पर सिवाइपट्टी पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की.
नाभि की डोरी भी नहीं कटी थी
ग्रामीणों के मुताबिक बच्ची की नाभि की डोरी लगी हुई थी और उसे जन्म के बाद लगने वाले शुरुआती टीके भी नहीं लगे थे. देर रात उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. गुरुवार को जब उसे इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाया जा रहा था, तभी गांव की दूसरी महिला उसे अपने साथ ले गई और उसके पालन-पोषण की बात कही.
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
बताया गया कि दूसरी महिला बच्ची को घर ले गई, उसे नहलाया और कपड़े में लपेटा. इसके बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे मीनापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
थानाध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार राय ने बताया कि चिकित्सकों ने बच्ची को लावारिस बताते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया. घटना के बाद पूरे गांव में शोक और चर्चा का माहौल है.
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