Rail Division High Alert: नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर रेल मंडल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. नेपाल से आने वाले पानी के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की गंभीर आशंका बनी हुई है. इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त कर दिया है.
डीआरएम ने इंजीनियरिंग विभाग को दिए सख्त निर्देश
डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इंजीनियरिंग विभाग समेत सभी संबंधित शाखाओं को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रहने का स्पष्ट निर्देश दिया है. रेलवे की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसी क्रम में पूरे मंडल के 253 प्रमुख रेल पुलों और संवेदनशील रेलवे ट्रैकों की निगरानी अचानक बढ़ा दी गई है.
Nepal Flood Impact : 24 घंटे पुल-पुलियों और जलस्तर पर रखी जा रही नजर
ट्रैकमैन से लेकर पुलों की देखरेख में तैनात रेलकर्मियों को अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में मुस्तैद कर दिया गया है. इन कर्मियों को रेलवे ट्रैक, पुल-पुलियों और आसपास की नदियों व नालों के जलस्तर पर 24 घंटे पैनी नजर रखने के सख्त आदेश दिए गए हैं. किसी भी खतरे का पूर्वाभास होते ही नियंत्रण कक्ष को सूचना देने का तंत्र सक्रिय कर दिया गया है.
Railway Track Water Level Monitoring: खतरे के निशान को पार करते ही थमेंगे ट्रेनों के पहिए
मंडल प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी भी रेलखंड या पुल के पास जलस्तर खतरे के निशान को पार करता है, तो ट्रेनों को तुरंत रोक दिया जाएगा. ट्रैक की सुरक्षा पर जरा सा भी असर पड़ने की सूचना मिलते ही संबंधित रेलखंड पर परिचालन तत्काल निलंबित करने का प्रावधान किया गया है ताकि जान-माल का नुकसान न हो.
जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग से बेहतर समन्वय
आपदा की स्थिति से निपटने के लिए डीआरएम ने पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के जिला प्रशासन के साथ वार्ता कर बेहतर समन्वय स्थापित किया है. इसके अलावा रेलवे अधिकारी राज्य के बाढ़ नियंत्रण निदेशक के साथ लगातार संपर्क में हैं. पल-पल की जानकारी साझा की जा रही है ताकि जोखिम का आभास होते ही त्वरित कदम उठाए जा सकें.
