मरीजों का आइडी नहीं बनने पर जताई नाराजगी, चिकित्सकों को दी सख्त चेतावनी वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार रविवार को सदर अस्पताल निरीक्षण के लिए पहुंचे. करीब एक घंटे तक अस्पताल का जायजा लेते हुए उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की. इस दौरान उन्होंने भाव्या डिजिटल एप से हो रहे इलाज की स्थिति देखी और पर्ची काउंटर पर मरीजों की भीड़ का हाल जाना. सीएस ने अस्पताल प्रबंधक से पूछा कि मरीज अभी भी पर्ची कटवाकर इलाज क्यों करा रहे हैं और अब तक कितने प्रतिशत मरीजों का आइडी बना है. जवाब में प्रबंधक ने बताया कि अब तक केवल 40 प्रतिशत मरीजों का ही आइडी भाव्या पोर्टल पर बना है. तकनीकी गड़बड़ी के कारण पोर्टल सही से काम नहीं कर रहा है, जिससे आईडी बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. निरीक्षण के बाद सीएस एमसीएच पहुंचे. वहां महिलाओं की अधिक भीड़ देख उन्होंने मरीजों से बातचीत की और उन्हें समझाया कि भाव्या आइडी बनवाने से इलाज और जांच में भविष्य में कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी. करीब दो घंटे निरीक्षण करने के बाद लौटते समय उन्होंने निर्देश दिया कि अब हर चिकित्सक मरीजों के इलाज की जानकारी भाव्या पोर्टल पर दर्ज करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चिकित्सक ऐसा नहीं करते हैं तो उनका वेतन रोका जाएगा.
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