Muzaffarpur Pocso Conviction: विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट संख्या-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने सकरा थाना क्षेत्र की एक किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए दो आरोपितों दिनेश दास और राकेश कुमार को दोषी करार देते हुए कड़े कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने मुख्य दोषी दिनेश दास को 10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 20 हजार रुपये के आर्थिक जुर्माने की सजा दी है. वहीं. इस घिनौने अपराध में उसका साथ देने वाले दूसरे दोषी राकेश कुमार को सात वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि दोनों दोषियों से वसूली गई जुर्माने की कुल राशि पीड़िता के कल्याण मद में जमा कराई जाएगी.
विशेष लोक अभियोजक ने पेश किए पांच गवाह
इस संवेदनशील मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार ने कोर्ट के समक्ष मुस्तैदी से पैरवी की. और अपराध को साबित करने के लिए पांच महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत में पेश किया. मामले के विवेचक (आईओ) ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. इस संबंध में पीड़िता की मां ने इस वर्ष एक अप्रैल को सकरा थाने में दोनों आरोपितों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी. जिसमें बताया गया था कि 31 मार्च की रात को इन दोनों ने उनकी नाबालिग पुत्री का घर के बाहर से अपहरण कर लिया था.
रूमाल सुंघाकर बाइक से किया था अगवा, भाई ने कराया था मुक्त
घटनाक्रम के अनुसार. वारदात के दिन ही पीड़िता के भाई ने मुस्तैदी दिखाते हुए अहियापुर थाना क्षेत्र के जीरोमाइल के पास से अपनी बहन को बदमाशों के चंगुल से सकुशल बचाया था. पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया था कि जब वह घर के बाहर थी. तभी दिनेश दास और राकेश कुमार वहां पहुंचे. दिनेश बाइक चला रहा था. जबकि पीछे बैठे राकेश ने उसके मुंह पर नशीला रूमाल सुंघाकर उसे जबरन बाइक पर बिठा लिया. इसके बाद सुनसान जगह ले जाकर दोनों आरोपितों ने उसके साथ दुष्कर्म करने का क्रूर प्रयास किया था. कोर्ट के इस सख्त फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने राहत की सांस ली है.
