मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur Pending Files Discovered: जिले के मुरौल अंचल कार्यालय में नियमों और मानकों को ताक पर रखकर काम किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है.पिछले दिनों अपर समाहर्ता (राजस्व) कुमार प्रशांत द्वारा किए गए अंचल कार्यालय के औचक निरीक्षण में भारी गड़बड़ियां और घोर लापरवाही पकड़ी गई है.निरीक्षण के बाद अपर समाहर्ता ने जिलाधिकारी (डीएम) को विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट भेज दी है.उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मुरौल अंचल में राजस्व संबंधित कार्यों के निष्पादन की स्थिति बेहद खराब है और अहम रजिस्टरों को अपडेट तक नहीं रखा गया है.अपर समाहर्ता ने अंचलाधिकारी (सीओ) को कड़ी चेतावनी देते हुए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया है.
सरकारी महाअभियान पर फेरा पानी
जांच में यह बात सामने आई कि अंचल कार्यालय में राजस्व कार्यों की कोई समीक्षा नहीं होती है.हलका कर्मचारियों की साप्ताहिक बैठकें भी नियमित रूप से नहीं की जाती हैं.इसके कारण सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं जैसे राजस्व महाअभियान,अभियान बसेरा-2,दाखिल-खारिज,परिमार्जन प्लस व भू-मापी के सैकड़ों मामले महीनों से धूल फांक रहे हैं.अपर समाहर्ता ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि अंचल कार्यालय में जनहित और राजस्व से जुड़े कार्यों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है.
अभियान बसेरा-2: भूमिहीन अब भी पर्चे से वंचित
सरकार की ‘अभियान बसेरा-2’ योजना के तहत मुरौल अंचल में 103 भूमिहीनों का चयन किया गया था.नीति के अनुसार इन सभी को बासगीत पर्चा मिल जाना चाहिए था,लेकिन अंचल प्रशासन की सुस्ती के कारण अब तक महज 67 भूमिहीनों को ही पर्चा दिया जा सका है.शेष 36 भूमिहीन आज भी अपने हक के लिए भटक रहे हैं.इसके अलावा वित्तीय पारदर्शिता में भी लापरवाही दिखी और अंचल का कैश बुक केवल 30 अप्रैल तक ही अपडेट पाया गया.इस रिपोर्ट के बाद से अंचल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
