मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में क्राइम कंट्रोल में फेल सिकंदरपुर के थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो को एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई इलाके में लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों, प्रभावी गश्ती न होने और हाल ही में मरीन ड्राइव क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई भीषण गुटबाजी व चाकूबाजी की घटना के बाद की गई है. एएसपी टाउन वन सुरेश कुमार के जांच रिपोर्ट के बाद यह कारवाई की गई है. उन्होंने अपने जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत अपराध नियंत्रण, खुफिया सूचनाओं का संकलन, प्रभावी पुलिस गश्ती और कानून-व्यवस्था के संधारण में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी. पुलिस गश्ती और मुस्तैदी न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद थे, जिससे पूरे थाना क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में भारी इजाफा दर्ज किया जा रहा था.
मरीन ड्राइव पर बेलगाम थे अपराधी, नशेड़ियों का बढ़ गया था आतंक
अपर पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शहर का मरीन ड्राइव क्षेत्र, जो सुरक्षा और अपराध के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जाता है, वहां लगातार आपराधिक वारदातें हो रही थीं. इस इलाके में मोटरसाइकिल चोरी, राहगीरों से चेन छिनतई, मारपीट और महिलाओं के साथ सरेराह छेड़खानी जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं. इसके बावजूद थानाध्यक्ष द्वारा क्षेत्र में न तो पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई और न ही नियमित गश्ती सुनिश्चित की गई.
चाकूबाजी के बाद पैदा किया क्षेत्राधिकार का भ्रम:
मामले ने तब तूल पकड़ा जब बीते 23 मई 2026 की रात मरीन ड्राइव क्षेत्र में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस दौरान सरेआम चाकूबाजी की गंभीर घटना घटी, जिसमें कई लोग लहूलुहान हो गए और दो व्यक्तियों को बेहद गंभीर चोटें आईं. बाद में इलाज के दौरान एक युवक शिवम कुमार की मौत हो गई. इस संवेदनशील घटना की सूचना मिलने के बाद भी थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय क्षेत्राधिकार (बॉर्डर विवाद) को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी. सीनियर पुलिस अधिकारियों ने थानाध्यक्ष के इस टालमटोल वाले रवैये को घोर अनुशासनहीनता का परिचायक माना है.
जांच रिपोर्ट के बाद गिरी निलंबन की गाज:
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01) और नगर पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) दुखी कुमार महतो को कर्तव्यहीनता, लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल रहने का दोषी पाया गया. अधिकारियों द्वारा उनके विरुद्ध कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाने की अनुशंसा की गई थी. इसी जांच रिपोर्ट और अनुशंसा के आलोक में वरीय पुलिस अधीक्षक ने त्वरित एक्शन लेते हुए सिकंदरपुरथानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया है. पुलिस विभाग के इस सख्त कदम से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
