Muzaffarpur News:तिरहुत रेंज के डीआइजी चंदन कुमार कुशवाहा ने सोमवार को नगर पुलिस अधीक्षक ( सिटी एसपी ) मोहिबुल्लाह अंसारी के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहे. निरीक्षण के क्रम में डीआइजी ने जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने, लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इससे पहले डीआइजी जब सिटी एसपी कार्यालय पहुंचे तो उनको जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दिया.मंगलवार को डीआइजी सदर थाने का निरीक्षण करेंगे.
लंबित कांडों की होगी दैनिक समीक्षा
डीआइजी ने नगर पुलिस अधीक्षक के क्षेत्राधिकार में लंबे समय से लंबित चल रहे सभी विशेष प्रतिवेदित और अविशेष प्रतिवेदित कांडों पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों के लंबित रहने के मुख्य कारणों और उनके अनुसंधानकर्ताओं की एक विस्तृत सूची तुरंत तैयार की जाए. इसके साथ ही, पुलिस अधिकारियों को कड़ा रुख अपनाते हुए प्रतिदिन कम से कम दो-दो अनुसंधानकर्ताओं के पास लंबित मामलों की समीक्षा करने और उस पर अपनी समीक्षात्मक टिप्पणी अनिवार्य रूप से निर्गत करने का आदेश दिया गया है. जिले में हत्या के जितने भी मामले लंबित हैं, उनकी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारीवार समीक्षा की जाएगी.
नारकोटिक्स और आर्म्स एक्ट के लिए बनेंगे विशेष सेल
अपराध और नशे के कारोबार पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए सिटी एसपी कार्यालय में दो नए विशेष सेलों का गठन किया जाएगा.डीआइजी ने निर्देश दिया कि कार्यालय में जल्द से जल्द नारकोटिक्स सेल और आर्म्स एक्ट सेल की स्थापना की जाए. ये सेल इन दोनों शीर्षों के तहत दर्ज मामलों के अनुसंधान और कोर्ट में चल रहे विचारण (ट्रायल) की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करेंगे. इसके अतिरिक्त, एनडीपीएस एक्ट, मद्यनिषेध और आर्म्स एक्ट से जुड़े संगठित गिरोहों के सभी सदस्यों का नियमित रूप से भौतिक सत्यापन कराने का भी निर्देश दिया गया है.
बेल जंपर अपराधियों की जमानत होगी रद्द
निरीक्षण के दौरान उपस्थित नगर एएसपी वन सुरेश कुमार ने बताया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के आलोक में दो कुख्यात अपराधियों की जमानत रद्दीकरण का प्रस्ताव माननीय न्यायालय में पहले ही समर्पित किया जा चुका है. इस पर डीआइजी ने सिटी एसपी और अन्य पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट कहा कि जो अपराधी अपने पुराने आपराधिक इतिहास को छुपाकर या जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर दोबारा अपराध की वारदातों में संलिप्त पाए जाते हैं, उन्हें तुरंत चिन्हित किया जाए. ऐसे अपराधियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के अदालत में जमानत रद्दीकरण का प्रस्ताव भेजा जाए.
जीपीएस से होगी गश्ती दल की मॉनिटरिंग
शहरी क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डीआइजी ने आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने आदेश दिया कि नगर क्षेत्र में गश्त करने वाले सभी चार पहिया वाहनों, मोटरसाइकिल दस्तों और पैदल गश्ती दल की जीपीएस के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग की जाए. शहर के चिन्हित अपराध ग्रस्त इलाकों और मोहल्लों में एक ठोस कार्ययोजना बनाकर गश्त की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके. इसके अलावा, सड़कों के मिलान स्थलों (कनेक्टिंग पॉइंट्स) पर सघन वाहन चेकिंग अभियान को नियमित रूप से चलाने की बात कही गई है.
मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
