Muzaffarpur News:मुजफ्फरपुर जिले में साइबर फ्रॉड का एक और नया और बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया है. मिठनपुरा थाना क्षेत्र में बिना किसी ओटीपी (OTP), पासवर्ड या क्यूआर कोड स्कैन किए एक व्यक्ति के बैंक खाते से अवैध निकासी कर ली गई. जालसाजों ने पीड़ित के खाते से दस हजार रुपये साफ कर दिए. इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बैंक अधिकारियों ने पीड़ित को बताया कि यह निकासी अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) के माध्यम से की गई है, जबकि पीड़ित ने अपना अंगूठा कहीं लगाया ही नहीं था.
बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से उड़े दस हजार रुपये
साइबर ठगी के इस अनोखे मामले को लेकर मिठनपुरा के बावन बीघा इलाके के रहने वाले पीड़ित संजीव कुमार ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस को दिए आवेदन में संजीव कुमार ने बताया कि उनका बैंक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की रामबाग शाखा में है. उनके मोबाइल पर अचानक खाते से दस हजार रुपये कटने का मैसेज आया. मैसेज देखकर उनके होश उड़ गए क्योंकि उन्होंने न तो किसी को अपनी बैंकिंग डिटेल दी थी और न ही कोई ट्रांजैक्शन किया था.
बायोमेट्रिक क्लोनिंग की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
जब पीड़ित संजीव कुमार भागते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पहुंचे और अधिकारियों से शिकायत की, तो वहां से मिली जानकारी ने उन्हें और परेशान कर दिया. बैंक ने बताया कि यह राशि आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) यानी अंगूठे के निशान के जरिए निकाली गई है.पीड़ित का दावा है कि उन्होंने इस दौरान कहीं भी बायोमेट्रिक का इस्तेमाल नहीं किया था. आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधियों ने किसी सरकारी पोर्टल या रजिस्ट्री ऑफिस से पीड़ित के फिंगरप्रिंट का डेटा चोरी कर उसका क्लोन बनाया और पैसे उड़ालिए. मिठनपुरा थाना पुलिस ने आवेदन लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है.
