मुजफ्फरपुर से प्रेमांशु शेखर की रिपोर्ट
Muzaffarpur News:मुजफ्फरपुर जिले में हाइटेक साइबर धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. शातिर जालसाजों ने बिना किसी ओटीपी और लिंक पर क्लिक कराए, सिर्फ ‘कॉलफॉरवर्डिंग’ तकनीक का इस्तेमाल कर एक युवक के बैंक खाते और क्रेडिट कार्डों से 3.89 लाख रुपये उड़ालिए.पीड़ित रोहित राही ने इस संबंध में मुजफ्फरपुर साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
400 से अधिक ओटीपी आए, फिर हुआ खेल
पीड़ित रोहित राही ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर अचानक 400 से अधिक ओटीपी(OTP) संदेश आने शुरू हो गए. किसी संदिग्ध गतिविधि की आशंका को भांपते हुए उन्होंने सूझबूझ दिखाई और सभी संदेशों को बिना पढ़े डिलीट कर दिया. उन्होंने किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं किया. इसके बावजूद, सुबह 11:10 से 11:45 बजे के बीच महज 35 मिनट के भीतर उनके खातों से अवैध निकासी होने लगी. बाद में हुई जांच में पता चला कि अपराधियों ने एक अज्ञात मोबाइल नंबर पर रोहित के नंबर की कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर दी थी. इसी तकनीक के जरिए जालसाजों ने उनके वित्तीय खातों तक अनाधिकृत पहुंच हासिल कर ली.
स्वीगी और जोमैटो के जरिए उड़ाए पैसे
साइबर अपराधियों ने पीड़ित के स्वीगीइंस्टामार्ट और जोमेटो खातों के जरिए तीन बैंकों और दो क्रेडिट कार्डों में सेंध लगाई. जालसाजों ने इंडियन ओवरसीज बैंक खाते से 1.70 लाख रुपये, यस बैंक क्रेडिट कार्ड से 1.31 लाख रुपये और एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड से 88 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली. हालांकि, सतर्कता बरतते हुए आईडीएफसी(IDFC) बैंक ने संदिग्ध ट्रांजैक्शन को तुरंत ब्लॉक कर दिया, जिससे पीड़ित के 60 हजार रुपये बच गए. पूरी घटना के दौरान रोहित के मोबाइल पर न तो कोई ओटीपी आया और न ही कोई वेरिफिकेशन कॉल आई. उन्हें सीधे पैसे कटने का डेबिट अलर्ट मैसेज मिला.
साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज, जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित के सभी बैंक खातों और क्रेडिट कार्डों को ब्लॉक करवा दिया है. साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है. साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सब-इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को इस हाइटेक धोखाधड़ी की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है.
