Muzaffarpur News: रेलवे परिसर में मंदिर तोड़ने का मुद्दा गरमाया, 21 मार्च को शहर में चक्का जाम

Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर रेलवे जंक्शन परिसर में मंदिर शिफ्टिंग का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है. 10 मार्च को रेलवे और जिला प्रशासन की सहमति से मंदिर को तोड़ा गया. इसके बाद बगल में एक नए मंदिर का निर्माण किया गया है. VHP इसका विरोध कर रही है. 21 मार्च को शहर बंद का ऐलान किया गया है. पढ़ें पूरी खबर…

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जंक्शन पर मंदिर का विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. वीएचपी ने अब 21 मार्च यानी शुक्रवार को शहर बंद का ऐलान किया है. विहिप के प्रातीय अध्यक्ष संजीव सिंह ने बुधवार को शहर के सरैयागंज टावर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 21 मार्च को विश्व हिन्दू परिषद ने मुजफ्फरपुर बंद का आह्वान किया है. बता दें, रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के विस्तार के लिए 10 मार्च को रातों-रात दो प्राचीन मंदिरों को तोड़कर हटा दिया गया. हालांकि, जिला प्रशासन ने पुराने मंदिर से ठीक सटे एक नए मंदिर का निर्माण भी कराया है और विधिवत उसकी पूजा पाठ भी हुई है. पुराने मंदिर में कंक्रीट की मूर्ति स्थापित थी, उसकी जगह संगमर्मर की मूर्ति स्थापित की गई है. बता दें, एलिवेटेड सड़क निर्माण के लिए यह कार्रवाई की गई है. 

17 मार्च को भी विहिप ने किया था विरोध प्रदर्शन

17 मार्च को विश्व हिन्दू परिषद कार्यकर्ताओं ने स्टेशन परिसर में मंदिर तोड़ने के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया. स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात करनी पड़ी. रेलवे प्रशासन ने मंदिर की पुनर्स्थापना का आश्वासन भी दिया. स्टेशन के बगल में ही एक नए मंदिर का निर्माण भी कराया गया. प्रशासन का कहना है कि मंदिर को वहीं शिफ्ट कर दिया गया है. वहीं विहिप के नेता और कार्यकर्ता पुरनी जगह पर ही मंदिर की स्थापना और मंदिर तोड़ने से पहले जानकारी न देने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन पर अड़े हैं. संजीव सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शहर बंद के बाद भी प्रशासन नहीं माना, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

बैठक में नहीं हो सका कोई निर्णय

मुजफ्फरपुर जंक्शन पर निर्माण कार्य के दौरान मंदिर को शिफ्ट करने का मामला अभी तक नहीं सुलझ पाया है. बुधवार को एसडीओ पूर्वी अमित कुमार की अध्यक्षता में दोनों पक्षों के साथ हुई बैठक में भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका. बैठक में रेलवे और मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधि शामिल हुए, लेकिन मंदिर शिफ्टिंग का विरोध कर रहे लोग नहीं पहुंचे. एसडीओ पूर्वी ने बताया कि बैठक में सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि मंदिर को दूसरी जगह बनाकर तैयार कर दिया गया है और शिफ्टिंग का काम भी हो चुका है, लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं. एसडीओ पूर्वी ने कहा कि बैठक में शामिल लोगों ने किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई है.

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By Aniket kumar

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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