मुजफ्फरपुर से कुमार गौरव की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: ध्वनि प्रदूषण को लेकर परिवहन विभाग ने अब बेहद सख्त कदम उठाए हैं.अब सड़कों पर प्रेशर हॉर्न या मल्टी टोन्ड हॉर्न बजाने वाले वाहनों पर केवल जुर्माना ही नहीं लगाया जाएगा, बल्कि मौके पर ही हॉर्न को जब्त कर नष्ट भी किया जाएगा.इसके साथ ही इन प्रतिबंधित हॉर्न की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए इन्हें बेचने वाली दुकानों पर भी छापेमारी कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.राज्य परिवहन आयुक्त (एसटीसी) ने इस संबंध में मुजफ्फरपुर सहित सभी जिलों के डीटीओ को विशेष टीम गठित कर लगातार सात दिनों तक महाअभियान चलाने का निर्देश दिया है.
3700 वाहनों से वसूला 55 लाख जुर्माना
डीटीओ कुमार विवेक ने बताया कि बीते करीब 13 महीनों में प्रेशर हॉर्न के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान के दौरान जिले में 3,700 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए कुल 55 लाख 30 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया है.इस दौरान पांच दर्जन से अधिक अवैध हूटरों को भी जब्त कर नष्ट किया जा चुका है.जांच और जुर्माना वसूलने के लिए एमवीआई, ईआई और ईएसआई की विशेष टीमों का गठन किया गया है.
वाहन के प्रकार के अनुसार लगेगा जुर्माना
ध्वनि व वायु प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग जुर्माना तय है.दोपहिया वाहन पर पहली बार 1,000 रुपये और दोबारा पकड़े जाने पर 1,500 रुपये, हल्के वाहन (कार) पर पहली बार 2,000 व दूसरी बार में 3,000 रुपये, मध्यम वाहन पर पहली बार 3,000 व दोबारा में 4,000 रुपये तथा भारी वाहन पर पहली बार 5,000 और दोबारा पकड़े जाने पर 10,000 रुपये के जुर्माने का नियम है.
स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है यह शोर
डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार, 55 डीबी (डेसिबल) से अधिक का शोर मानसिक तनाव, अनिद्रा और हृदय संबंधी बीमारियों का बड़ा कारण बनता है.75 डीबी से अधिक की ध्वनि कानों के लिए बेहद हानिकारक और 120 डीबी से अधिक का शोर अत्यंत दर्दनाक होता है.भारी ट्रक अक्सर 90 डीबी तक का शोर पैदा करते हैं, जो स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित करता है.
