मुजफ्फरपुर से संजय कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: इंसानियत और ममता को झकझोरने वाली एक घटना में जिस नवजात बच्ची को उसके अपने रात के अंधेरे में कचरे के ढेर पर फेंक गए, उसे अपनाने के लिए कुछ ही घंटों में दर्जनों लोग सामने आ गए.मंगलवार शाम इमलीचट्टी बस स्टैंड के पास कचरे के ढेर से एक नवजात के रोने की आवाज आ रही थी.वहां से गुजर रहे एक यात्री ने जब पास जाकर देखा, तो गंदगी के बीच एक मासूम बच्ची पड़ी तड़प रही थी.उसने तुरंत बच्ची को उठाया और इसकी सूचना नगर थाना पुलिस को दी.
अस्पताल पहुंचते ही गोद लेने वालों की लगी कतार
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया.डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को पूरी तरह स्वस्थ और खतरे से बाहर बताया है.मासूम के मिलने की खबर जैसे ही शहर में फैली, सदर अस्पताल और नगर थाने में लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी.कई निसंतान दंपति और परिवार अस्पताल पहुंचकर प्रशासन से बच्ची को उन्हें सौंपने की गुहार लगाने लगे.जन्म देने वालों ने जहां उसे छोड़ दिया, वहीं गैर उसे अपना नाम और नया जीवन देने को बेताब दिखे.
कानूनी प्रक्रिया के बाद सीडब्ल्यूसी लेगा फैसला
पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने साफ किया है कि बच्ची को किसी को भी सीधे नहीं सौंपा जा सकता.नवजात को गोद देने का फैसला निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा.फिलहाल बच्ची को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के संरक्षण में भेजने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.समिति के दिशा-निर्देशों के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.मौत के मुहाने से सुरक्षित निकली यह बच्ची अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है.
