मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिला के कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र के माधोपुर रामदेव बाबू द्वार के पास घर के सामने हुई आभूषण कारोबारी दीपक कुमार की हत्या को लेकर जिला पुलिस ने जांच तेज कर दीहै. घटना के अगले दिन मंगलवार को तिरहुत रेंज के डीआइजी चंदन कुमार कुशवाहा खुद दल-बल के साथ घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंचे. उन्होंने एसएसपी व सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ ब वारदात वाली जगह का निरीक्षण किया. इस दौरान डीआइजी ने मृतक कारोबारी के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया. उन्होंने परिजनों को इंसाफ का पूरा भरोसा दिलाते हुए कहा कि पुलिस अपराधी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजेगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआइजी ने मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र को अविलंब एसआईटी (विशेष जांच टीम) का गठन कर वैज्ञानिक तरीके से जांच का निर्देश दिया है.
एएसपी टाउन वन के नेतृत्व में पांच इंस्पेक्टरों की टीम कर रही छापेमारी
डीआइजी के निर्देश के बाद एसएसपी ने एएसपी टाउन वन सुरेश कुमार के नेतृत्व में पांच अनुभवी इंस्पेक्टरों की एक विशेष टीम का गठन किया है, जो हत्यारों का सुराग तलाशने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस की यह टीम घटना स्थल के आसपास और अपराधियों के आने व भागने वाले संभावित रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है. वारदात के बाद से ही पुलिस की तकनीकी सेल भी एक्टिव है और कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेकर जांच की जा रही है.
एफएसएल और श्वान दस्ते ने घटनास्थल से जुटाए अहम सबूत
वारदात की कड़ियों को जोड़ने के लिए एफएसएल (FSL) और श्वान दस्ता (डॉग स्क्वायड) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था. टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए हैं. पुलिस को उम्मीद है कि इन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान जल्द ही सुनिश्चित कर ली जाएगी.
दुकान बंद कर लौट रहे थे घर, विरोध करने पर मारी थी गोली
माधोपुर निवासी 50 वर्षीय दीपक कुमार की कच्ची पक्की और माधोपुर सुस्ता चौक पर आभूषण की दुकानें थीं. सोमवार की रात करीब 8:10 बजे वह माधोपुर चौक स्थित अपनी ‘अर्चना ज्वेलर्स शॉप’ बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे. जैसे ही वह अपने घर से महज 50 कदम पहले पहुंचे, अपाचे बाइक पर सवार दो अपराधियों ने उन्हें घेर लिया. अपराधियों ने उनके हाथ से आभूषणों और नकदी से भरा झोला छीनने का प्रयास किया. जब दीपक कुमार ने इसका कड़ा विरोध किया और एक अपराधी को पकड़ लिया, तो दूसरे अपराधी ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. एक गोली उनके सीने में लगी और दूसरी दाहिने हाथ को छेदती हुई कमर को पार कर गई. इसके बाद अपराधी मौके से फरार हो गए.
लूटने से बच गया दो दुकानों की ज्वेलरी व नकदी से भरा झोला
कारोबारी के साहस और विरोध के कारण अपराधी गहनों व नकदी से भरा झोला लूटने में नाकाम रहे. मृतक के पुत्र दुर्गेश कुमार के अनुसार, दुकान की क्लोजिंग के बाद दोनों दुकानों की सारी कीमती ज्वेलरी और कैश उसी झोले में था. छीना-झपटी के दौरान अपराधियों की पिस्टल और टोपी भी घटनास्थल पर ही गिर गई थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है. लहूलुहान हालत में पड़ोसी उन्हें बाइक पर बैठाकर बैरिया स्थित मां जानकी हॉस्पिटल ले गए, लेकिन तब तक अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
