Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर चांदनी चौक-बखरी पथ के चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य में आ रही सबसे बड़ी बाधा अब दूर हो गई है.सड़क के निर्माण के रास्ते में रोड़ा बने 80 पेड़ों को हटाने का रास्ता साफ हो गया है. वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के लिए जरूरी आठ हेक्टेयर जमीन जिला प्रशासन ने चार प्रखंडों में चिह्नित कर ली है. जमीन की रिपोर्ट मिलते ही अब जल्द ही सड़क निर्माण का काम धरातल पर शुरू हो जाएगा.
वन विभाग की शर्त:पेड़ों को हटाने के बदले मांगी थी 8 हेक्टेयर जमीन
दरअसल, चांदनी चौक-बखरी पथ के चौड़ीकरण कार्य में कुल 80 पेड़ बाधा उत्पन्न कर रहे थे. इन पेड़ों को शिफ्ट करने या काटने के लिए पथ निर्माण विभाग ने वन विभाग से एनओसी की मांग की थी. इसके आलोक में वन विभाग ने शर्त रखी थी कि एनओसी तभी दी जाएगी, जब इसके बदले विभाग को आठ हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी.इस शर्त के बाद पथ निर्माण विभाग ने जमीन चिह्नित करने के लिए अपर समाहर्ता (राजस्व) से पत्राचार कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया था. अपर समाहर्ता ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जिले के सभी अंचलाधिकारियों (सीओ) को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था.
इन चार प्रखंडों में चिह्नित की गई सरकारी जमीन
अपर समाहर्ता के निर्देश पर अंचलाधिकारियों द्वारा की गई खोजबीन के बाद जिले के चार अलग-अलग प्रखंडों में आवश्यक भूमि मिल गई है. चिह्नित की गई जमीन का विवरण इस प्रकार है:
गायघाट प्रखंड: मौजा सुभाष पुनाई में जमीन चिह्नित की गई है.
साहेबगंज प्रखंड:विशुनपुर चक में उपयुक्त भूमि मिली है.
बोचहां प्रखंड:उनसर मौजा में जमीन की पहचान की गई है.
कांटी प्रखंड:कोल्हुआपैगंबरपुर में भूमि चिह्नित की गई है.
एडीएम ने सीओ को दिया निर्देश: जल्द सौंपे अभिलेख
चारों प्रखंडों में जमीन चिह्नित होने के बाद अपर समाहर्ता ने संबंधित अंचलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि चिह्नित की गई भूमि का पूरा प्रस्ताव और अभिलेख डीसीएलआर (भूमि सुधार उपसमाहर्ता) पूर्वी और पश्चिमी के माध्यम से शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.इन अभिलेखों को जल्द से जल्द समाहर्ता (जिलाधिकारी) को भेजा जाएगा, जहां से हरी झंडी मिलने के बाद वन विभाग को जमीन हस्तांतरित कर दी जाएगी. जमीन मिलते ही वन विभाग एनओसी जारी कर देगा और चांदनी चौक-बखरी पथ के चौड़ीकरण का काम तेज गति से शुरू हो सकेगा. इससे इस रूट पर चलने वाले हजारों वाहन चालकों को जाम और जर्जर सड़क से मुक्ति मिलेगी.
