मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में आग लगने से छह मरीजों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासनिक महकमा हरकत में आ गया है. कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने प्रमंडल के सभी जिलों में संचालित निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और नर्सिंग होम का अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) ऑडिट कराने का निर्देश दिया है.
अस्पतालों के सुरक्षात्मक मानकों की जांच हो
इस संबंध में तिरहुत प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय द्वारा प्रमंडल के सभी जिला पदाधिकारियों वरीय पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर और तिरहुत प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को पत्र जारी किया गया है. जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि जिलों में चल रहे सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों में अग्नि सुरक्षा तथा अन्य सभी आवश्यक सुरक्षात्मक मानकों की सघन जांच कराई जाए.
नक्शे और भवन निर्माण की भी होगी जांच
प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, इस विशेष ऑडिट में केवल फायर सेफ्टी ही नहीं, बल्कि कई अन्य अहम बिंदुओं पर भी जांच का शिकंजा कसेगा. अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रवेश और निकास (एंट्री-एग्जिट) की समुचित व्यवस्था है या नहीं, इसकी जांच होगी. इसके साथ ही चिकित्सा संस्थान के भवन निर्माण की वैधता और क्या वह स्वीकृत नक्शे के अनुरूप बना है, इसकी भी बारीकी से स्क्रूटनी की जाएगी.
लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों पर गिरेगी गाज
कमिश्नर ने सभी संबंधित अधिकारियों को पूरे प्रमंडल में त्वरित गति से ऑडिट चलाकर इसकी विस्तृत रिपोर्ट आगामी 15 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से मुख्यालय को उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है. प्रशासन ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि भविष्य में प्रसाद हॉस्पिटल जैसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है, और मानकों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सीधे सीलिंग और लाइसेंस रद करने की कार्रवाई की जाएगी.
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