Muzaffarpur News: भारतीय रेल अब यात्रियों को सिर्फ नियमों का पाठ नहीं पढ़ाएगी, बल्कि मीठी यादों के साथ जिम्मेदारी का अहसास भी कराएगी. पूर्व रेलवे (इआर) की ओर से शुरू की गई चॉकलेट वाली स्वच्छता मुहिम की सफलता को देखते हुए अब पूर्व मध्य रेल (इसीआर) के विभिन्न रेल मंडलों में भी इसी तर्ज पर यात्रियों को जागरूक करने की तैयारी की जा रही है.
चॉकलेट और संवाद मॉडल पर जल्द शुरू होगा काम
हाल ही में इस्टर्न रेलवे के डीजीएम शिबराम माझी सहित वरीय अधिकारियों ने ट्रेन और स्टेशनों पर उतरकर यात्रियों से सीधा संवाद किया. उन्होंने यात्रियों को चॉकलेट भेंट कर पटरियों पर कचरा न फेंकने का आग्रह किया, क्योंकि ट्रैक साफ करना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है. मुख्य कार्मिक अधिकारी और मुख्य सामग्री प्रबंधक ने भी दुकानदारों को चॉकलेट देकर डस्टबिन के उपयोग के लिए प्रेरित किया.
इसीआर के पांचों रेल मंडलों में दिखेगा रोचक अंदाज
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मध्य रेल (इसीआर) अब इसी चॉकलेट और संवाद मॉडल को अपने पांचों मंडलों (सोनपुर, समस्तीपुर, दानापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और धनबाद) में लागू करने की योजना बना रहा है. आगामी दिनों में अधिकारी और रेलकर्मी केवल जुर्माने की रसीद के साथ नहीं, बल्कि टॉफी और स्माइल के साथ यात्रियों के बीच नजर आएंगे.
खिड़की से बाहर कचरा न फेंकने का सार्थक संदेश
अक्सर यात्री जनरल और स्लीपर कोच की खिड़कियों से प्लास्टिक और जूठन बाहर फेंक देते हैं. रेल अधिकारियों का मानना है कि जब कोई अधिकारी स्वयं चॉकलेट देकर सफाई का आग्रह करता है, तो यात्रियों पर इसका गहरा मनोवैज्ञानिक असर होता है.
मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट
