मुजफ्फरपुर से विनय की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: उत्तर बिहार उद्यमी संघ ने बेला स्थित अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक कर बियाडा (BIADA) की भूमि आवंटन की नई नीति का पुरजोर विरोध किया है.संस्था के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि बियाडा की ओर से जो नई पॉलिसी लाई गई है, वह उद्योगों और उद्यमियों के हित में बिल्कुल नहीं है.इस नई नीति से क्षेत्र में औद्योगिक विकास पूरी तरह ठप होने की आशंका है,जिसके कारण उद्यमियों में भारी आक्रोश है.
डेढ़ से तीन साल में करना होगा पूरा भुगतान, रजिस्ट्रेशन रद्द करने का भी अधिकार
अध्यक्ष ने बताया कि पुरानी नीति के तहत जमीन लेते समय सिर्फ 30 प्रतिशत राशि देनी होती थी और बाकी रकम चुकाने के लिए सात साल का समय मिलता था.अब नई पॉलिसी में डेढ़ से तीन साल के भीतर ही पूरा पेमेंट करना होगा.निर्धारित समय सीमा में भुगतान न करने पर बियाडा को सीधे जमीन का आवंटन और रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने का अधिकार दे दिया गया है.समय विस्तार मांगने पर भारी पेनाल्टी भी देनी होगी.
हर साल डीपीआर देने की बाध्यता और नन-वर्किंग का नया नियम
नई पॉलिसी के तहत पहले से चल रहे उद्योगों को भी हर साल पूरा डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर देना होगा.इसमें उत्पादन, कच्चे माल की खरीद-बिक्री और कुल मैन्युफैक्चरिंग का पूरा विवरण शामिल रहेगा.यदि कोई इकाई अपनी क्षमता का 25 फीसदी ही प्रोडक्शन कर रही है,तो उसे ‘नन वर्किंग’ मानकर डीजीएम को उसका आवंटन रद्द करने का अधिकार होगा.संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि इस नीति में संशोधन के लिए उद्योग सचिव, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी.
