मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में गर्भवती महिलाओं के लिए एएनसी (एंटीनेटल केयर टेस्ट) जांच को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है.सिविल सर्जन (CS) ने इस संबंध में जिले के सभी चिकित्सा अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं.इस पहल का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान होने वाली गंभीर जटिलताओं को समय रहते पहचानना और उन्हें दूर करना है.जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि किसी गर्भवती महिला में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) या सीवियर एनीमिया (गंभीर रूप से खून की कमी) का मामला तो नहीं है.
हीमोग्लोबिन 7 से कम होने पर विशेष निगरानी
सिविल सर्जन ने बताया कि यदि किसी गर्भवती महिला का हीमोग्लोबिन स्तर 7 या उससे कम पाया जाता है, तो उसे सीवियर एनीमिक केस की श्रेणी में रखा जाता है.ऐसी महिलाओं को विशेष चिकित्सा निगरानी में रखा जाता है.जांच के जरिये गर्भावस्था की गंभीर जटिलताओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे प्रसव के दौरान माता और नवजात शिशु दोनों के प्राणों की रक्षा की जा सके.
महीने की 21 तारीख को लगेगा विशेष कैंप
जिले के सभी अनुमंडल अस्पतालों, सामुदायिक (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के अंतर्गत प्रत्येक महीने एएनसी जांच की जाती है.इस दौरान शिविर में आने वाली गर्भवती महिलाओं की हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, एचबी (हीमोग्लोबिन) प्रतिशत, एचआईवी, सिफलिस, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज आदि की मुफ्त जांच की जाती है.पूर्व में अस्पतालों में हर महीने की 9 तारीख को आरोग्य दिवस पर यह जांच होती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के अंतर्गत हर माह की 21 तारीख को विशेष जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा.
