मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: उत्तर बिहार में पैर पसारने वाले चमकी बुखार (एइएस/जेइ) की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रभारी सचिव ने स्पष्ट किया कि एइएस से निपटना केवल स्वास्थ्य विभाग का काम नहीं है, बल्कि सभी विभागों को ‘मिशन मोड’ में मिलकर काम करना होगा.अधिकारियों को हर समय पूरी तरह सजग रहने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि किसी भी मासूम की जान खतरे में न पड़े.
चमकी पीड़ित बच्चों के लिए 2575 गाड़ियां टैग
मरीजों को बिना किसी देरी के त्वरित इलाज देने के लिए जिला प्रशासन ने परिवहन की अभूतपूर्व व्यवस्था की है.जिले की 373 पंचायतों में कुल 2575 वाहनों की प्रखंडवार टैगिंग पूरी कर ली गई है.इन वाहनों के जरिए चमकी की आशंका वाले बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक निशुल्क पहुंचाया जाएगा.वाहन मालिकों को दूरी के आधार पर 400 से 1000 रुपये तक का भुगतान प्रशासन करेगा.इसके अलावा जिले की 67 सरकारी एम्बुलेंस भी हाई अलर्ट पर हैं.
11.32 लाख बच्चों का हुआ सर्वे, कंट्रोल रूम एक्टिव
एइएस से बचाव के लिए प्रशासन ने घर-घर सर्वे कराकर 0 से 15 वर्ष के 11,32,513 बच्चों का डेटा तैयार किया है.इनमें से 3051 बच्चों को ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में रखकर उन पर विशेष नजर रखी जा रही है.इस सीजन में अब तक एइएस के कुल 35 मामले सामने आए हैं, जिनमें मुजफ्फरपुर के 20 मरीज शामिल हैं.मदद के लिए सदर अस्पताल (0621-2266055) और एसकेएमसीएच (0621-2233868) में 24 घंटे कंट्रोल रूम एक्टिव हैं.
