Muzaffarpur News: नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली को लेकर बुधवार को आयोजित सशक्त स्थायी समिति की बैठक में मेयर निर्मला साहू और पार्षदों ने अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए. करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली, लंबित कार्यों, एलईडी लाइट खरीद, सैरात वसूली और कथित भ्रष्टाचार को लेकर तीखी बहस हुई. बैठक के दौरान नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह अन्य बैठक में शामिल होने का हवाला देकर बीच में ही चले गए, जिस पर समिति के सदस्यों ने नाराजगी जताई.
पार्षदों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
बैठक में पार्षद राजीव कुमार पंकू ने कहा कि निगम के वरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही के कारण आम लोगों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नक्शा स्वीकृति, दाखिल-खारिज समेत कई जरूरी कार्य लंबे समय से लंबित हैं. उनके अनुसार, निगम की विभिन्न शाखाओं में भ्रष्टाचार व्याप्त है. एलईडी लाइट खरीद में अनियमितता के आरोपों की जांच के लिए पूर्व में आईआईटी पटना से जांच कराने की अनुशंसा की गई थी, लेकिन अब तक उस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई.
मेयर ने नगर आयुक्त की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
महापौर निर्मला साहू ने कहा कि नगर आयुक्त कर्मचारियों पर नियंत्रण का दावा करते हैं, लेकिन शहर की मौजूदा व्यवस्था कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की कार्यप्रणाली पटरी से उतर चुकी है और सैरात (हाट-बाजार) की वसूली में भी अनियमितताएं हो रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि लगातार दूसरी बार नगर आयुक्त सशक्त स्थायी समिति की बैठक बीच में छोड़कर चले गए, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े होते हैं.
5 अगस्त तक सुधार नहीं तो 10 अगस्त से आमरण अनशन
बैठक के बाद मेयर ने नगर आयुक्त को पत्र जारी कर 5 अगस्त तक निगम की कार्यव्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया. उन्होंने कहा कि यदि तय समय सीमा तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो राज्य सरकार से नगर आयुक्त के खिलाफ शिकायत की जाएगी. साथ ही 10 अगस्त से सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों और नगर निगम के पार्षदों द्वारा आमरण अनशन शुरू किया जाएगा. समिति के सदस्यों ने भी इस संबंध में अपना लिखित पत्र महापौर और नगर आयुक्त को सौंपा.
नगर आयुक्त ने आरोपों पर दिया जवाब
नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें डीएलएमसी की आवश्यक बैठक में शामिल होना था, जिसकी पूर्व सूचना देकर ही वे सशक्त स्थायी समिति की बैठक से निकले थे. उन्होंने कहा कि कार्यालय में अराजकता या भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में जनप्रतिनिधियों से साक्ष्य के साथ लिखित शिकायत देने का अनुरोध किया गया है. ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि सादपुरा नीम चौक सब्जी मंडी से विभागीय वसूली से जुड़े मामले की भी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. इसके अलावा महापौर और सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों द्वारा उठाए गए अन्य सभी बिंदुओं की भी गहन जांच होगी. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
