Muzaffarpur Court News: कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद बरामद लाइसेंसी पिस्टल, मैगजीन और कारतूस को उसके वैध स्वामी को नहीं सौंपे जाने का मामला सामने आया है. इस पर संज्ञान लेते हुए सबडिवीजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (पूर्वी) की अदालत ने सिवाइपट्टी थानेदार से शोकॉज तलब किया है. अदालत ने पूछा है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद अब तक हथियार रिलीज क्यों नहीं किया गया.
अदालत ने देरी को माना गंभीर मामला
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि अदालत के निर्देशों के अनुपालन में अनावश्यक विलंब गंभीर विषय है. आदेश का पालन नहीं करना न्यायिक प्रक्रिया के प्रति उदासीनता को दर्शाता है और यह न्यायालय की अवमानना के दायरे में भी आ सकता है.
इसी आधार पर सिवाइपट्टी थानेदार से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है.
2022 में हुई थी लाइसेंसी पिस्टल की चोरी
मामला कांटी थाना क्षेत्र के यशोदामठ निवासी कविंद्र कुमार से जुड़ा है. उन्होंने 7 नवंबर 2022 को कांटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
आवेदन में बताया गया था कि दामोदरपुर पठानटोली गंगानगर स्थित उनके किराए के मकान में 6 नवंबर 2022 की रात चोरी हुई थी. चोर लाइसेंसी पिस्टल, एक मैगजीन, सात कारतूस, नकदी, मोबाइल फोन और जेवरात लेकर फरार हो गए थे.
हरशेर गांव से हुई थी हथियार की बरामदगी
सिवाइपट्टी पुलिस ने 27 जनवरी 2023 को हरशेर गांव में छापेमारी के दौरान चोरी की गई पिस्टल और कारतूस बरामद किए थे.
तत्कालीन थानेदार ललित कुमार के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार अभिषेक कुमार के घर से प्रिंस कुमार को गिरफ्तार किया गया था. उसके कब्जे से चोरी की गई लाइसेंसी पिस्टल, मैगजीन और कारतूस बरामद हुए थे.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि बरामद हथियार कांटी थाना क्षेत्र से चोरी किया गया था.
30 मई को अदालत ने जारी किया था रिलीज आदेश
बरामदगी के बाद हथियार के वैध स्वामी कविंद्र कुमार ने अदालत में पिस्टल रिलीज करने के लिए आवेदन दायर किया था.
सुनवाई के बाद अदालत ने 30 मई 2026 को पिस्टल, मैगजीन और कारतूस को वैध मालिक को सौंपने का आदेश जारी किया था. लेकिन आदेश के बावजूद अब तक हथियार सुपुर्द नहीं किए गए.
इसी कारण अदालत ने अब संबंधित थानेदार से जवाब मांगा है.
एक नजर में: पूरा मामला
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मामला | लाइसेंसी पिस्टल रिलीज नहीं होने का |
| पीड़ित | कविंद्र कुमार |
| क्षेत्र | यशोदामठ, कांटी |
| चोरी की घटना | 6 नवंबर 2022 |
| बरामदगी | 27 जनवरी 2023 |
| बरामद स्थान | हरशेर गांव |
| कोर्ट आदेश | 30 मई 2026 |
| कार्रवाई | सिवाइपट्टी थानेदार को शोकॉज |
क्या कहा अदालत ने
अदालत ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेशों का समय पर पालन होना आवश्यक है. यदि आदेश के अनुपालन में अनावश्यक देरी की जाती है तो संबंधित अधिकारी को उसका कारण बताना होगा.
महत्वपूर्ण बातें
- कोर्ट के आदेश के बावजूद लाइसेंसी पिस्टल मालिक को नहीं सौंपी गई.
- एसडीजेएम (पूर्वी) की अदालत ने सिवाइपट्टी थानेदार से जवाब मांगा.
- पिस्टल 2022 में चोरी हुई थी और 2023 में बरामद हुई.
- 30 मई 2026 को रिलीज आदेश जारी किया गया था.
- आदेश के अनुपालन में देरी पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है.
