मुजफ्फरपुर के बीआरए बिहार विवि में पीजी के लिए शुरू होगा मई से आवेदन, देनी होगी 180 दिनों में डिग्री

मुजफ्फरपुर के बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी सत्र 2020-22 के लिए अगले महीने से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी. विवि का सत्र दो साल विलंब होने के कारण जो सत्र इस साल पूरा होना था, उसमें अब तक एडमिशन भी नहीं हो सका है.

मुजफ्फरपुर के बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी सत्र 2020-22 के लिए अगले महीने से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी. विवि का सत्र दो साल विलंब होने के कारण जो सत्र इस साल पूरा होना था, उसमें अब तक एडमिशन भी नहीं हो सका है. नये सत्र में नामांकन प्रक्रिया शुरू करने को लेकर विवि की ओर से तैयारी चल रही है. सात नये कॉलेजों में पीजी के करीब आधा दर्जन विषयों की मंजूरी मिलने के कारण इस बार एक हजार से अधिक सीट बढ़ने की भी संभावना है. अभी पीजी विभाग और कॉलजों में करीब 6400 सीटों पर एडमिशन लिया जाता है.

पिछले साल पीजी की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश मिला

शिक्षा विभाग की ओर से पिछले साल सभी जिलों में पीजी की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश मिला था. साथ ही यह भी कहा गया था कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिन कॉलेजों में संसाधन उपलब्ध है, साथ ही प्राध्यापकों की नियुक्ति मानक के अनुसार है, वहां पीजी कोर्स संचालित किये जा सकते हैं.

कॉलेजों में विषयों की संख्या बढ़ायी गयी है

विभाग के दिशा-निर्देश के आधार पर कॉलेजों से प्रस्ताव लेकर विश्वविद्यालय के विभिन्न निकायों से मंजूरी दिलायी गयी है. कुछ कॉलेजों में नये स्तर से पीजी कोर्स शुरू किये जा रहे हैं, तो कुछ कॉलेजों में विषयों की संख्या बढ़ायी गयी है.

भोजपुरी विषय से भी अब पीजी

एलएस कॉलेज में अंग्रेजी, भूगोल, संस्कृत और भोजपुरी विषय से भी छात्र अब पीजी कर सकेंगे. इसके अलावा आरएलएसवाई कॉलेज बेतिया, एलएनडी कॉलेज मोतिहारी, महिला कॉलेज मोतिहारी, आरबीबीएम कॉलेज मुजफ्फरपुर, एमएसकेबी कॉलेज मुजफ्फरपुर व गोयनका कॉलेज सीतामढ़ी में नये स्तर से पीजी की पढ़ाई शुरू होगी. आरबीबीएम कॉलेज में भी चार विषयों में पीजी की पढ़ाई को मंजूरी दी गयी है.

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विवि को देनी होगी 180 दिनों में डिग्री

मुजफ्फरपुर के बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को अब कोर्स की समाप्ति के 180 दिनों के भीतर सफल छात्र-छात्राओं को डिग्री उपलब्ध करानी होगी. ऐसा नहीं करने पर यूजीसी की शिकायत निवारण विनियम-2012 के तहत कार्रवाई की जायेगी. यूजीसी के सचिव प्रो रजनीश जैन ने विवि के कुलपति को इस संबंध में पत्र भेजा है. कहा है कि छात्र-छात्राओं की ओर से लगातार समय पर डिग्री व उपाधि नहीं मिलने की शिकायत मिल रही है, जो गंभीर मामला है.

छात्रों को समय से डिग्री उपलब्ध कराएं

कोर्स पूरा होने के बाद डिग्री समय से मिले, यह विद्यार्थियों का संवैधानिक अधिकार है. इस संबंध में यूजीसी ने 2008 में जारी रेगुलेशन का हवाला भी दिया है. कहा है कि ग्रांट ऑफ डिग्री एंड अदर अवार्डस बाए यूनिवर्सिटीज रेगुलेशन-2008 के तहत छात्रों को समय से डिग्री उपलब्ध कराएं.

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By Prabhat khabar news desk

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