Muzaffarpur News: पुरानी बाजार स्थित बोहरा हाउस में आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और भक्तों के प्रति उनकी करुणा का भावपूर्ण वर्णन सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे.
व्यास पीठ पर हुआ पूजन
कथा के दौरान रितु रंजन महाराज ने व्यास पीठ पर विराजमान लड्डू गोपाल का षोडशोपचार पूजन यजमान दामोदर प्रसाद रूंगटा और मुकेश रूंगटा से कराया.
भगवान भाव के भूखे हैं
आचार्य रितु रंजन महाराज ने कहा कि भगवान जब-जब धरती पर अवतरित होते हैं, तब-तब धर्म की स्थापना और भक्तों के कल्याण के लिए अपनी अद्भुत लीलाएं करते हैं.
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के गोकुल आगमन, पूतना वध, शकटासुर वध और तृणावर्त वध की कथा का विस्तार से वर्णन किया.
आचार्य ने कहा कि पूतना जैसी राक्षसी भी जब भगवान को मातृभाव से स्तनपान कराने आई, तब प्रभु ने उसका भी उद्धार कर उसे मातृत्व का पद प्रदान किया. इससे स्पष्ट होता है कि भगवान केवल भाव के भूखे हैं. जो भी निष्कपट भाव से प्रभु का स्मरण करता है, भगवान उसका कल्याण अवश्य करते हैं.
भागवत देता है भक्ति और सेवा का संदेश
कथा के दौरान आचार्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत मनुष्य को प्रेम, भक्ति, सेवा और सदाचार का संदेश देता है.
उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन में भगवान का नाम, गौ सेवा, संत सेवा और माता-पिता का सम्मान करे, तो उसका जीवन सुखमय और सफल हो जाता है.
जयकारों से गूंजा पंडाल
भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी और गोप बालकों के साथ की गई बाल लीलाओं का वर्णन सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे. पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” और “राधे-राधे” के जयकारों से गूंज उठा.
इस मौके पर कैलाश रूंगटा, मोतीलाल छापड़िया, श्याम भरतिया, गरीब नाथ बंका, रवि मोटानी, सज्जन शर्मा और श्रवण सर्राफ सहित कई श्रद्धालु और समाजसेवी मौजूद रहे.
