साहब.. मेरे इकलौते बेटे की चोरी की आदत छुड़वा दो, नहीं तो लोग इसे मार डालेंगे,पैरों में डाला था लोहे का कड़ा, ताला तोड़कर भागा मासूम

मुजफ्फरपुर से एक माँ की मार्मिक पुकार सामने आई है, जिसने अपने 13 साल के बेटे की चोरी की आदत से तंग आकर उसके पैरों में लोहे का कड़ा डाल दिया था. बेटा ताला तोड़कर भागा और पकड़ा गया.

Muzaffarpur Crime News: मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र से ममता, लाचारी और अपराध के दलदल में फंसते एक बच्चे की झकझोर देने वाली कहानी सामने आई है. एक बेबस मां अपने 13 साल के मासूम बेटे की चोरी की लत से इस कदर परेशान हो चुकी थी कि उसने तंग आकर बेटे के पैरों में लोहे का कड़ा डाल दिया था. मां हर रात कड़े में ताला लगाकर सोती थी ताकि उसका इकलौता बेटा घर से बाहर न जा सके. लेकिन बीती रात वह मासूम ताला तोड़कर भाग निकला और गांव के ही एक घर से पानी का मोटर चोरी कर लिया. गृहस्वामी ने उसे रंगे हाथ पकड़कर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी. सूचना मिलने पर सदर पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान बच्चे को भीड़ के चंगुल से बचाकर थाने ले आई.

यह भी पढ़ें.. अचानक क्यों बढ़ी सर्पदंश के मरीजों की तादाद, पांच दिनों का आंकड़ा चौंका देगा

मां: दो बेटियों के बीच इकलौता चिराग है, साहब इसकी जान बचा लो

थाने पहुंचते ही मां पुलिस अधिकारियों के पैरों में गिरकर बिलख-बिलख कर रोने लगी. मां की रुलाई देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. महिला ने रोते हुए पुलिस से गुहार लगाई, "साहब! मेरे बेटे की जान बचा लीजिए. इसकी चोरी की आदत छुड़वा दीजिए. नहीं तो लोग इसे किसी दिन जान से मार डालेंगे." महिला ने बताया कि उनका घर मधुबनी फोरलेन के किनारे है. उनके पति ग्लास फिटर का काम करते हैं. दो बेटियों के बीच यह उनका इकलौता बेटा है, जिसे सुधारने के लिए उन्होंने सारे जतन कर लिए, लेकिन सब बेकार साबित हुए.

यह भी पढ़ें.. सीता मंदिर बने, लेकिन विकास के नाम पर न छीनी जाए किसानों की जमीन

नशा नहीं करता... दोस्तों के बीच 'हीरो' बनने के चक्कर में 3 साल से कर रहा चोरी

सदर थाने के बाल कल्याण पदाधिकारी (CWPO) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मासूम की काउंसिलिंग की. काउंसिलिंग के दौरान मां ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया. मां ने बताया कि उनका बेटा पिछले तीन सालों से चोरी कर रहा है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वह चोरी के पैसों से कोई नशा या गलत शौक पूरा नहीं करता है. वह चोरी का माल बेचकर मिलने वाले पैसों को अपनी ही उम्र के छोटे-छोटे दोस्तों पर खर्च कर देता है. उन्हें समोसे, चाट खिलाता है और दोस्तों के बीच 'हीरो' बनने के चक्कर में वारदात को अंजाम देता है. इस वजह से समाज में उनकी भारी बदनामी होती है और लोग उनके घर चढ़कर मारपीट करते हैं.

बाल कल्याण पदाधिकारी ने संभाली कमान, अब सुधरेगा मासूम का भविष्य

सदर पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित अभिरक्षा में रखा है. बाल कल्याण पदाधिकारी के अनुसार, बच्चा अभी पूरी तरह नासमझ है और साथियों के दबाव (पियर प्रेशर) और तारीफ पाने की चाहत में इस गलत रास्ते पर चल पड़ा है. पुलिस अब बाल सुधार गृह और मनोवैज्ञानिकों की मदद से बच्चे की काउंसिलिंग कराएगी ताकि उसे मुख्यधारा में वापस लाया जा सके और एक मां के आंसुओं को पोंछा जा सके.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Chandan singh

Published by: Sumit Kumar

चंदन सिंह बीते 12 सालों से क्राइम रिपोर्टिंग की दुनिया में सक्रिय हैं. 2016 से लगातार प्रभात खबर के साथ काम कर रहे हैं. इससे पहले दैनिक जागरण और भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के लिये योगदान दे चुके हैं. क्राइम रिपोर्टिंग में इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म पर अधिक फोकस. पत्रकारिता में मास्टर्स की पढ़ाई की है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >