मुजफ्फरपुर: कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए गुरुवार दोपहर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया. अचानक शुरू हुए इस सुरक्षा अभ्यास से कुछ देर के लिए कचहरी परिसर में हलचल का माहौल बन गया.
बम निरोधक दस्ता और श्वान दस्ता रहा सक्रिय
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस, बम निरोधक दस्ता और श्वान दस्ते की संयुक्त टीम ने पूरे कचहरी परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर सघन जांच अभियान चलाया. टीम ने परिसर के हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ली, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का आकलन किया जा सके.
चप्पे-चप्पे की हुई जांच
श्वान दस्ते की मदद से अधिवक्ताओं के चैंबरों के आसपास, न्यायालय भवन के गलियारों, कैंटीन परिसर और मुख्य प्रवेश द्वारों की गहन जांच की गई. वहीं बम निरोधक दस्ते ने अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टर और एक्सप्लोसिव डिटेक्टर की सहायता से परिसर में खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भी जांच की.
संदिग्ध वस्तुओं की भी हुई तलाशी
सुरक्षा एजेंसियों ने लंबे समय से खड़े वाहनों के साथ-साथ परिसर में पड़े लावारिस बैग, झोले और अन्य संदिग्ध वस्तुओं की भी बारीकी से जांच की. इस दौरान सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया अपनाई गई और किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारियों को परखा गया.
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर
इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की आपसी समन्वय क्षमता को मजबूत करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है. अभियान के दौरान सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क रहे और पूरे परिसर की व्यापक जांच के बाद अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
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