Pocso Court Verdict: मीनापुर थाना क्षेत्र की एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा को अगवा करने के मामले में विशेष कोर्ट पॉक्सो एक्ट संख्या-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने दोषी कुश कुमार को चार वर्ष कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी. विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार ने कोर्ट में पांच गवाहों को पेश किया. पुलिस विवेचक ने आरोपित के विरुद्ध 30 जून 2026 को चार्जशीट दाखिल की थी.
घर आकर पढ़ाता था कोचिंग, परिजनों की गैरमौजूदगी में किया अगवा
पीड़िता के पिता ने 15 जून 2026 को मीनापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपित कुश कुमार उनके घर आकर उनकी पुत्री को कोचिंग पढ़ाता था. 12 जून को वह अपनी पत्नी के साथ अस्पताल गए थे. अगले दिन वापस लौटे तो पुत्री घर में नहीं थी. खोजबीन करने पर पता चला कि आरोपित ने चार अन्य लोगों के साथ मिलकर छात्रा का अपहरण कर लिया है.
दिल्ली ले गया था आरोपित, 16 जून को पुलिस ने किया बरामद
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 16 जून को मानिकपुर इलाके से पीड़िता को मुक्त कराया और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपित उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया था. हालांकि केस दर्ज होने और पुलिस की दबिश की खबर मिलते ही वह उसे वापस लेकर यहाँ आया था.
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:
- सजा व जुर्माना: दोषी को चार साल की जेल और 20 हजार रुपये का जुर्माना.
- त्वरित कार्रवाई: 15 जून को एफआईआर, 16 जून को पीड़िता बरामद और 30 जून को चार्जशीट दाखिल.
- जुर्माना राशि: 20 हजार रुपये की पूरी राशि पीड़िता के पक्ष में जमा होगी.
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