Muzaffarpur Crime News: मीनापुर थाना क्षेत्र की एक किशोरी को बिरयानी खिलाने का झांसा देकर शादी की नीयत से अगवा करने के मामले में विशेष पाक्सो एक्ट संख्या-1 के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने आरोपी रौशन कुमार को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
अभियोजन पक्ष ने छह गवाहों के बयान के आधार पर रखा पक्ष
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) नरेंद्र कुमार ने अदालत के समक्ष छह गवाहों को प्रस्तुत किया. गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई.
23 मार्च को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
पीड़िता की मां ने इसी वर्ष 23 मार्च को मीनापुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. आवेदन में बताया गया था कि उनकी पुत्री 13 मार्च को अपने ननिहाल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटी. काफी खोजबीन के बाद परिजनों को जानकारी मिली कि रौशन कुमार शादी की नीयत से किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है.
कोर्ट के फैसले से पीड़ित पक्ष को मिली राहत
सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष पाक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. अदालत के इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है.
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