सेवा ही संकल्प: एसकेएमसीएच में बेसहारा मरीजों का सहारा बनीं जीविका दीदियां, ओपीडी से लेकर वार्ड तक दे रहीं अपनापन

मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) में अब कोई मरीज खुद को अकेला और बेसहारा महसूस नहीं करेगा. जीविका दीदियां मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए मरीजों को इलाज के साथ-साथ अपनों जैसा स्नेह और संबल दे रही हैं.

Jeevika SKMCH Patient: मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) में अब कोई मरीज खुद को अकेला और बेसहारा महसूस नहीं करेगा. अस्पताल के अनजान गलियारों में भटकते बेसहारा और ग्रामीण क्षेत्र से आए जरूरतमंद मरीजों के लिए जीविका दीदियां 'आशा की किरण' बनकर सामने आई हैं. जीविका ने मानवीय संवेदना की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए ऐसे मरीजों को न सिर्फ इलाज, बल्कि अपनों जैसा स्नेह और संबल देने का बीड़ा उठाया है.

ओपीडी से वार्ड तक हर कदम पर साथ

गांवों से आने वाले कई बेसहारा मरीजों को अस्पताल में पर्ची कटवाने या सही ओपीडी तक पहुंचने का तरीका मालूम नहीं होता है. ऐसे में पूछताछ काउंटर पर तैनात जीविका दीदियां खुद आगे बढ़कर मरीज का हाथ थामती हैं. वे मरीज को ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श दिलाने से लेकर, जरूरत पड़ने पर भर्ती कराने तक का पूरा जिम्मा उठा रही हैं. इतना ही नहीं, वार्ड में भर्ती होने के बाद भी दीदियां डॉक्टरों और एएनएम के साथ तालमेल बिठाकर उनके नियमित इलाज और कुशलक्षेम की पूरी निगरानी कर रही हैं.

सुबह 8 से रात 8 बजे तक सेवा में समर्पित

मरीजों की निर्बाध सहायता के लिए जीविका का यह पूछताछ काउंटर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक निरंतर कार्यरत रहेगा. आपातकालीन मदद के लिए काउंटर के बाहर एक समर्पित मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित किया गया है.

दीदियों द्वारा मिलने वाली प्रमुख सेवाएं:

  • असहाय और अकेले आए मरीजों को खुद ओपीडी तक ले जाकर इलाज कराना.
  • गंभीर मरीजों को बिना किसी परेशानी के वार्डों में भर्ती कराना.
  • इनडोर वार्डों का नियमित भ्रमण कर मरीजों की सुध लेना.
  • मरीजों के लिए भोजन, जरूरी दवाइयों की जानकारी और प्रशासनिक सहायता तत्काल सुनिश्चित करना.

जीविका की डीपीएम अनीशा ने बताया कि पहले दीदियां सिर्फ जानकारी देने का काम करती थीं, लेकिन अब मानवीय आधार पर निस्वार्थ सेवाभाव की यह पहल शुरू की गई है. दीदियां इस सेवा कार्य को लेकर बेहद उत्साहित हैं और मरीजों को अस्पताल की हर संभव सुविधा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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लेखक के बारे में

By Premanshu shekhar

I have 16 years of journalism experience, working as a Bureau Chief at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on crime,political, social, and current topics.I have experience covering assembly and parliamentary elections reporting.
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