मुजफ्फरपुर: मॉडल अस्पताल में 10 बेड का आधुनिक ICU शुरू, 5 वेंटिलेटर से मिलेगी गंभीर मरीजों को राहत

मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में 10 बेड का आधुनिक ICU शुरू हो गया है, जिसमें 5 वेंटिलेटर लगे हैं. यह सुविधा गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगी. साथ ही, 20 नए फिजिशियन की नियुक्ति और आधुनिक पैथोलॉजी लैब की शुरुआत से स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार हुआ है.

Muzaffarpur News: जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी मजबूती मिली है. सदर अस्पताल स्थित मॉडल अस्पताल में 10 बेड की क्षमता वाला आधुनिक आईसीयू (ICU) शुरू हो गया है. इसमें पांच अत्याधुनिक वेंटिलेटर लगाए गए हैं. बुधवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका उद्घाटन किया. इस सुविधा के शुरू होने से गंभीर मरीजों को अब बेहतर गहन चिकित्सा सेवा जिले में ही उपलब्ध हो सकेगी.

अब गंभीर मरीजों को नहीं करना होगा रेफर

अस्पताल प्रशासन के अनुसार आधुनिक वेंटिलेटर और अन्य संसाधनों की उपलब्धता से गंभीर मरीजों को पटना या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी. आईसीयू के सुचारू संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का रोस्टर भी तैयार किया जा रहा है.

अस्पताल में पहले भी आईसीयू की व्यवस्था थी, लेकिन संसाधनों की कमी और अव्यवस्था के कारण वह प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो पा रही थी. उस समय यहां केवल पांच बेड उपलब्ध थे.

जिले को मिले 20 नए फिजिशियन

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में फिजिशियन चिकित्सकों के 114 पदों पर अंतिम चयन सूची जारी की है. विभाग के विशेष सचिव त्यागराजन एसएम की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों के लिए 20 फिजिशियन का चयन किया गया है. जिले के मोतीपुर और गायघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी चिकित्सकों की तैनाती होगी. इसके अलावा पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, समस्तीपुर और मधुबनी में भी डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी.

ब्लॉक अस्पतालों से लिए जाएंगे ब्लड सैंपल

मॉडल अस्पताल स्थित आधुनिक पैथोलॉजी लैब का भी उद्घाटन किया गया. अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इलाज कराने वाले मरीजों के ब्लड सैंपल एकत्र कर जांच के लिए मॉडल अस्पताल की लैब भेजे जाएंगे.

सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को इस व्यवस्था के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया है. जांच रिपोर्ट सीधे लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी, जिससे मरीज दूर बैठे भी अपनी रिपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे. इस व्यवस्था के तहत ब्लॉक स्तर पर 50 से अधिक प्रकार की पैथोलॉजिकल जांच उपलब्ध कराई जाएंगी.


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लेखक के बारे में

स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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